कक्षा ६ विज्ञान अध्याय 12 क्रियाकलाप 12.3: आइए, पहचानने का प्रयास कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
भारत में ओरायन को ज्यादा अच्छी तरह दिसंबर से अप्रैल महीनों में सूर्यास्त के बाद देखा जा सकता है। अत: इसे इसी दौरान देखिए। ओरायन के लगभग बीच में एक छोटी सरल रेखा में तीन चमकदार तारे स्थित हैं (जिनकी कल्पना शिकारी की बेल्ट के रूप में की जाती है)। सबसे पहले इन तीन तारों को पहचानिए क्योंकि ओरायन तारा-मंडल की पहचान की यही सबसे सरल विधि है।
उत्तर

प्रेक्षण: दिसंबर से अप्रैल के बीच, सूर्यास्त के एक-दो घंटे बाद पूर्व और फिर दक्षिण के आकाश में देखिए। आपको एक छोटी, सीधी पंक्ति में लगभग समान दूरी पर तीन चमकीले तारे दिखेंगे— आकाश में और कोई ऐसा दृश्य नहीं है। यही ओरायन की पेटी (बेल्ट) है।

पेटी मिल जाने पर पूरा शिकारी अपने-आप बन जाता है—

  • पेटी के ऊपर दो चमकीले तारे शिकारी के कंधे हैं। इनमें लालिमा लिए तारा बीटलजूज है, जिसे भारतीय खगोलशास्त्र में आर्द्रा कहते हैं।
  • पेटी के नीचे दो चमकीले तारे उसके पैर हैं। इनमें अत्यंत चमकीला नीला-श्वेत तारा राइजल है।
  • ओरायन को प्रायः एक बैल (वृष/टॉरस) से युद्ध करते हुए दिखाया जाता है, और उसका कुत्ता (कैनिस मेजर) पीछे चलता है।
बीटलजूज (आर्द्रा) बेलाट्रिक्स ओरायन पेटी (3 तारे) राइजल सैफ लुब्धक रात्रि-आकाश का सबसे चमकीला तारा पेटी की रेखा पूर्व की ओर बढ़ाइए
शिकारी ओरायन— दो कंधे, पंक्ति में तीन पेटी-तारे और दो पैर। पेटी की रेखा आगे बढ़ाने पर लुब्धक तारा मिलता है। ये रेखाएँ काल्पनिक हैं।
क्या आप जानते हैं? पेटी के ये तीन तारे इतने समान दूरी पर और इतनी सीधी पंक्ति में हैं कि भारत के अनेक गाँवों में इन्हें तीन तारा या तीन बहनें कहा जाता है। पूरे शीत-आकाश में यही सबसे सरल आरंभ-बिंदु है।
प्र2.
एक बार आपने ओरायन को पहचान लिया तो इसके पास स्थित अत्यंत चमकदार तारे लुब्धक को पहचानना आसान हो जाएगा। ओरायन के बीच के तीन तारों से गुज़रती हुई सरल रेखा की कल्पना कीजिए और इस रेखा के अनुदिश पूर्व की ओर देखिए। वहीं पर आपको लुब्धक तारा दिखाई देगा।
उत्तर

विधि: पेटी के तीनों तारों की रेखा को पेटी से आगे, पूर्व की ओर बढ़ाइए और उसी दिशा में देखते जाइए। यह रेखा सीधे एक अत्यंत चमकीले, हल्के नीलापन लिए तारे तक ले जाती है, जो आस-पास के सभी तारों से कहीं अधिक चमकता है। यही लुब्धक (सिरियस) है।

लुब्धक संपूर्ण रात्रि-आकाश का सबसे चमकीला तारा है।
यह कैनिस मेजर तारा-मंडल का अंग है— शिकारी का कुत्ता।
अंग्रेज़ी में इसका नाम सिरियस है।
यह इतना चमकीला क्यों है: दो कारण एक साथ। लुब्धक स्वयं एक गर्म और चमकीला तारा है, और यह हमारे निकटतम तारों में से भी एक है। आकाश में किसी तारे की चमक सदा दो बातों पर निर्भर करती है— वह कितना प्रकाश देता है और वह कितनी दूर है।
स्वयं जाँचिए: क्षितिज के पास होने पर लुब्धक बहुत तेज़ी से टिमटिमाता है और लाल, श्वेत, नीले रंग में झिलमिलाता प्रतीत होता है। ऐसा इसलिए कि यह प्रकाश का एक बिंदु है और वायुमंडल उसकी किरणों को लगातार मोड़ता रहता है। उतनी ही ऊँचाई पर कोई ग्रह प्रायः नहीं टिमटिमाता— तारे और ग्रह में भेद करने की यह सरल कसौटी है।
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