कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
यदि अंतरिक्ष में गतिमान रॉकेट का इंजन उसकी गति की दिशा में ही गैस निष्कासित करने लगे तो क्या होगा?
उत्तर

रॉकेट धीमा हो जाएगा

निष्क्रमित गैस आगे की ओर (गति की दिशा में) फेंकी जाती है
न्यूटन के तृतीय नियम से गैस रॉकेट को पीछे की ओर धकेलती है
रॉकेट पर परिणामी बल उसके वेग के विपरीत होता है
→ त्वरण ऋणात्मक (मंदन) → चाल घटती है
ऐसा क्यों होता है: रॉकेट का इंजन बाहर किसी वस्तु को धकेलकर काम नहीं करता — वह केवल द्रव्यमान को एक दिशा में फेंकता है और बदले में विपरीत दिशा में बराबर धक्का पाता है। निष्कासन आगे की ओर हो तो प्रतिक्रिया बल पीछे की ओर होगा, जो अवरोधक बल है। अंतरिक्ष में, जहाँ न वायु है न धरातल, ब्रेक लगाने का यही एकमात्र उपाय है।
क्या आप जानते हैं? चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने ठीक इसी विधि से गति कम करके चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के समीप सुरक्षित अवतरण के लिए आवश्यक वेग प्राप्त किया था।
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