कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 9 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
अध्याय 8 ‘एक यात्रा — परमाणु के भीतर’ की तालिका 8.4 में दिए गए प्रथम 18 तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों का उपयोग करके चार ऐसे तत्वों की पहचान कीजिए। (जिनके संयोजकता कोश में चार से कम इलेक्ट्रॉन होते हैं)
उत्तर

लीथियम, बेरिलियम, सोडियम, मैग्नीशियम और ऐलुमिनियम — इनमें से कोई भी चार।

तत्वZइलेक्ट्रॉनिक विन्याससंयोजकता इलेक्ट्रॉनत्यागने पर बना आयन
लीथियम (Li)32, 11Li⁺
बेरिलियम (Be)42, 22Be²⁺
सोडियम (Na)112, 8, 11Na⁺
मैग्नीशियम (Mg)122, 8, 22Mg²⁺
ऐलुमिनियम (Al)132, 8, 33Al³⁺
ऐसा क्यों होता है: 1, 2 अथवा 3 इलेक्ट्रॉन दे देना छोटा रास्ता है; अष्टक पूर्ण करने के लिए 5, 6 अथवा 7 इलेक्ट्रॉन जुटाना बहुत लंबा। सोडियम (2, 8, 1) जब अपना एकमात्र M-कोश इलेक्ट्रॉन त्यागता है तो नीचे का कोश पहले से ही पूर्ण 2, 8 है — निऑन जैसी स्थायी व्यवस्था। अर्थात एक छोटी-सी हानि से पूर्ण अष्टक मिल जाता है। इसीलिए चार से कम संयोजकता इलेक्ट्रॉन वाले तत्व धातु होते हैं और धनायन बनाते हैं।
संकेत: बोरॉन (2, 3) के संयोजकता कोश में भी चार से कम इलेक्ट्रॉन हैं, परंतु तीन इलेक्ट्रॉन देने पड़ते और परमाणु छोटा तथा इलेक्ट्रॉनों को कसकर पकड़ने वाला है, अतः वह साझा करना पसंद करता है। ‘चार से कम → त्याग’ एक अच्छा मार्गदर्शक नियम है, अटल नियम नहीं।
प्र2.
क्या यह एक इलेक्ट्रॉन खोकर भी उदासीन ही रहेगा? यदि नहीं, तो इस पर क्या आवेश होगा और क्यों?
उत्तर

नहीं — एक इलेक्ट्रॉन त्याग देने पर सोडियम परमाणु उदासीन नहीं रहता। उस पर +1 आवेश आ जाता है और उसे सोडियम धनायन Na⁺ कहते हैं।

सोडियम परमाणु, Z = 11 → 11 प्रोटॉन (+11) और 11 इलेक्ट्रॉन (−11)
कुल आवेश = (+11) + (−11) = 0 — उदासीन

एक इलेक्ट्रॉन त्यागने के पश्चात : 11 प्रोटॉन (+11) और 10 इलेक्ट्रॉन (−10)
कुल आवेश = (+11) + (−10) = +1

किसी रासायनिक अभिक्रिया में प्रोटॉनों की संख्या कभी नहीं बदलती — प्रोटॉन नाभिक में रहते हैं और रसायन केवल बाहरी इलेक्ट्रॉनों को हिलाता है। अतः एक इलेक्ट्रॉन हटा देने पर एक प्रोटॉन का धनावेश असंतुलित रह जाता है।

ऐसा क्यों होता है: परमाणु उदासीन केवल इसलिए है कि प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन संख्या में बराबर तथा आवेश में समान और विपरीत होते हैं। यह बराबरी टूटते ही आवेश प्रकट हो जाता है। इलेक्ट्रॉन त्यागिए तो धनायन (Na⁺, Mg²⁺, Al³⁺) और ग्रहण कीजिए तो ऋणायन (Cl⁻, O²⁻, S²⁻) बनता है।
स्वयं जाँचिए: अब Na⁺ का विन्यास 2, 8 है — ठीक निऑन जैसा। रासायनिक रूप से यह सोडियम परमाणु से बिलकुल भिन्न है : सोडियम धातु जल के साथ प्रचंड अभिक्रिया करती है, जबकि विलयन का Na⁺ वही है जो आप प्रतिदिन साधारण नमक के रूप में खाते हैं।
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