प्र1.
नीचे दिए गए अभिकथन एवं कारण पढ़िए और उनके संबंध में आगे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए। अभिकथन — 2 g हाइड्रोजन 16 g ऑक्सीजन के साथ संयोजित होकर 18 g जल का निर्माण करती है। कारण — डॉल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार परमाणु, द्रव्यमान के सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजन कर यौगिक बनाते हैं। (i) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है। (ii) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है। (iii) अभिकथन सत्य है परंतु कारण असत्य है। (iv) अभिकथन असत्य है परंतु कारण सत्य है।
उत्तर
विकल्प (ii) — अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
क्या अभिकथन सत्य है? हाँ, दो कारणों से।
लिया गया अनुपात, H : O = 2 g : 16 g = 1 : 8 — जल का निश्चित अनुपात ✓
जल का द्रव्यमान = 2 g + 16 g = 18 g — द्रव्यमान संरक्षण के नियम से ✓
(सूत्र से जाँच : H₂O = (1 u × 2) + 16 u = 18 u, और H : O = 2 : 16 = 1 : 8)
जल का द्रव्यमान = 2 g + 16 g = 18 g — द्रव्यमान संरक्षण के नियम से ✓
(सूत्र से जाँच : H₂O = (1 u × 2) + 16 u = 18 u, और H : O = 2 : 16 = 1 : 8)
क्या कारण सत्य है? यह डॉल्टन के पाँचवें अभिगृहीत का कथन है — परमाणु सरल पूर्णांकों के अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं — और यह एक सही सिद्धांत है।
क्या कारण, अभिकथन की व्याख्या करता है? नहीं। अभिकथन में दो बातें हैं और डॉल्टन का पूर्णांक-अनुपात वाला अभिगृहीत इनमें से कोई नहीं देता —
- द्रव्यमान अनुपात 1 : 8 होने की बात प्राउस्ट के स्थिर अनुपात के नियम से आती है, डॉल्टन के पूर्णांक-नियम से नहीं।
- 2 g + 16 g से ठीक 18 g मिलने की बात द्रव्यमान संरक्षण के नियम से आती है।
डॉल्टन का अभिगृहीत यह बताता है कि कितने परमाणु जुड़ेंगे (2 H और 1 O)। वह स्वयं यह नहीं बताता कि कितना द्रव्यमान व्यय होगा या कितना उत्पन्न होगा। अतः कारण एक सत्य कथन के साथ रखा गया दूसरा सत्य कथन है — परंतु उसका कारण नहीं है।
संकेत: कारण को कड़ाई से पढ़ें तो उसमें एक और त्रुटि है — डॉल्टन का अभिगृहीत परमाणुओं की संख्या के अनुपात के विषय में है, द्रव्यमान के अनुपात के विषय में नहीं। इस पाठ पर (iii) चुनने वाले विद्यार्थी ने एक वास्तविक बात पकड़ी है; परंतु यहाँ 1 : 8 स्वयं भी एक सरल पूर्णांक द्रव्यमान अनुपात है, अतः कारण को सत्य मानना ही उचित है और निर्णायक बिंदु यह है कि वह अभिकथन की व्याख्या नहीं करता। इसीलिए उत्तर (ii) है।