प्र1.
क्रिकेट का एक शॉट। कल्पना कीजिए कि एक क्रिकेट की गेंद को छक्का लगाने के लिए बल्ले से मारा जाता है। यदि आप इसका एक सरल मॉडल तैयार करना चाहते है तो आप इनमें कौन-से विवरण सम्मिलित करेंगे? और किन विवरणों को अनावश्यक मानकर छोड़ देंगे?
उत्तर
सर्वप्रथम वह प्रश्न निश्चित कीजिए जिसका उत्तर मॉडल को देना है — “क्या गेंद सतह पर टकराए बिना सीमारेखा को पार कर जाएगी?” मॉडल में क्या रखना है और क्या छोड़ना है, यह इसी एक प्रश्न से तय होता है।
| मॉडल में रखिए | क्यों आवश्यक है | छोड़ दीजिए |
|---|---|---|
| गेंद का द्रव्यमान | बल्ले की चोट से गेंद कितनी तेज़ होगी, यह इसी से तय होता है | बल्ले का ब्रांड |
| प्रहार के तुरंत बाद की चाल (u) | परास u² के अनुपात में बढ़ती है | गेंद का रंग |
| प्रहार की दिशा (कोण) | चाल ऊँचाई और दूरी में किस अनुपात में बँटेगी | मैदान पर घास की मात्रा |
| प्रहार के समय बल्ले की ऊँचाई | प्रभाव छोटा है, पर परास में कुछ जुड़ जाता है | सीम पर धागों की सिलाई |
| सीमारेखा की दूरी | उत्तर की तुलना इसी संख्या से करनी है | गेंद का घूर्णन |
इतनी-सी राशियों के साथ गेंद को केवल गुरुत्व के अधीन गतिमान एक बिंदु मान लेना पर्याप्त है। यदि u = 30 m s⁻¹ और कोण 45° हो तो —
परास R = u² sin 2θ / g
R = (30 m s⁻¹)² × sin 90° / (9.8 m s⁻²)
R = 900 m² s⁻² ÷ 9.8 m s⁻²
R = लगभग 92 m — 70 m की सीमारेखा से कहीं आगे
R = (30 m s⁻¹)² × sin 90° / (9.8 m s⁻²)
R = 900 m² s⁻² ÷ 9.8 m s⁻²
R = लगभग 92 m — 70 m की सीमारेखा से कहीं आगे
ऐसा क्यों होता है: मॉडल की परख इस बात से नहीं होती कि उसमें वास्तविक संसार कितना समाया है, अपितु इससे होती है कि वह पूछे गए प्रश्न का उत्तर देता है या नहीं। गेंद का रंग चाल, कोण और दूरी को जोड़ने वाले किसी भी समीकरण में आ ही नहीं सकता, इसलिए उसे रखने से परिश्रम बढ़ेगा, सटीकता नहीं। वायु प्रतिरोध, घूर्णन और सीम का प्रभाव वास्तविक अवश्य है — ये एक बड़े शॉट की दूरी दस मीटर या उससे अधिक घटा सकते हैं — परंतु u और θ के प्रभाव के सामने ये न्यून हैं, अतः पहले मॉडल में इन्हें छोड़ दिया जाता है। जैसे-जैसे मॉडल अधिक जटिल बनाया जाता है, अधिक सटीकता हेतु ये विवरण जोड़ लिए जाते हैं।
स्वयं जाँचिए: इसी सूत्र में u = 25 m s⁻¹ रखिए। R = 625/9.8 ≈ 64 m — अब गेंद 70 m की सीमारेखा के भीतर ही गिरेगी। बल्ले की चाल में केवल 5 m s⁻¹ की कमी छक्के को कैच में बदल देती है — यही कारण है कि मॉडल u को रखता है और बल्ले का ब्रांड छोड़ देता है।