कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.6 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
पात्र को छुए बिना धातु की प्लेट पर डंडे से चोट मारकर उसके समीप एक प्रबल ध्वनि उत्पन्न कीजिए। शीट पर दानों का अवलोकन कीजिए। क्या ध्वनि का दानों पर कोई प्रभाव पड़ता है?
उत्तर

हाँ — तनी हुई शीट पर रखे दाने उछलते और इधर-उधर सरकते हैं, जबकि पात्र को किसी ने छुआ तक नहीं।

ऐसा क्यों होता है, चरण दर चरण:
1. चोट खाई धातु की प्लेट कंपन करती है और वायु में संपीडन-विरलन भेजती है।
2. ये तनी हुई शीट तक पहुँचते हैं। संपीडन उसे दबाता है, विरलन उसे छोड़ता है — इस प्रकार शीट प्रति सेकंड कई बार दबती-छूटती है और कंपन करने लगती है।
3. कंपन करती शीट अपने ऊपर रखे दानों को ऊपर उछाल देती है।

दाने गुरुत्व के विरुद्ध ऊपर उठे हैं, अतः उन पर कार्य हुआ है। यह कार्य ध्वनि से ही आ सकता था, इसलिए क्रियाकलाप सिद्ध करता है कि ध्वनि ऊर्जा वहन करती है। जब स्रोत कंपन करता है तो वह माध्यम को ऊर्जा स्थानांतरित करता है; माध्यम के कण अन्य कणों से टकराकर उस ऊर्जा को आगे बढ़ाते हैं।

संकेत: दानों को समान रूप से बिखेरिए, एक जगह ढेर न लगने दीजिए — ढेर भारी होता है और उसे उठाने में अधिक ऊर्जा लगती है, जिससे प्रभाव दिखना कठिन हो जाता है।
प्र2.
विभिन्न ध्वनि स्रोतों के साथ इस क्रियाकलाप के चरण 4 को दोहराइए और अनाज के दानों पर पड़ने वाले प्रभाव का अवलोकन कीजिए। आप ध्वनि की प्रबलता को घटा या बढ़ा सकते हैं। भिन्न-भिन्न अनाजों के दाने लेकर क्रियाकलाप दोहराइए।
उत्तर

ध्वनि जितनी प्रबल होगी, दाने उतना ही ऊँचा और तीव्रता से उछलेंगे। मंद ध्वनि पर वे मुश्किल से काँपते हैं; अत्यधिक प्रबल ध्वनि पर वे शीट से उछलकर बाहर गिर जाते हैं।

आप क्या बदलते हैंक्या दिखता हैकारण
प्लेट पर अधिक शक्ति से प्रहार (प्रबल ध्वनि)दाने कहीं अधिक ऊँचा उछलते हैंअधिक आयाम → तरंग अधिक ऊर्जा वहन करती है → शीट अधिक विस्थापित होती है
स्रोत को दूर ले जानादाने कम गति करते हैंवही ऊर्जा बड़े क्षेत्रफल में फैल जाती है, अतः शीट पर तीव्रता घट जाती है
भारी दानों (नमक, चावल) के स्थान पर हल्के दाने (सूजी, चाक-पाउडर)हल्के दाने अधिक और सरलता से उछलते हैंसमान ऊर्जा कम द्रव्यमान पर अधिक विस्थापन देती है
शीट का तनाव ढीला करनाप्रभाव क्षीण और मंद पड़ जाता हैढीली शीट ध्वनि तरंग के तीव्र धक्कों का ठीक-ठीक अनुसरण नहीं कर पाती
प्रबलता और आयाम साथ-साथ क्यों बढ़ते हैं: अधिक ज़ोर से प्रहार करने पर प्लेट प्रति सेकंड उतनी ही बार कंपन करती है (आवृत्ति वही रहती है, इसीलिए स्वर वही सुनाई देता है)। बदलता है यह कि प्लेट कितनी दूर तक झूलती है, जिससे प्रत्येक संपीडन में घनत्व परिवर्तन बड़ा हो जाता है — अर्थात अधिक आयाम। अधिक आयाम की तरंग अधिक ऊर्जा वहन करती है, अतः शीट तक प्रति सेकंड अधिक ऊर्जा पहुँचती है और दाने ऊँचा उछलते हैं।
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