कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 10 ध्वनि तरंगें — अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-08

इस अध्याय के बारे में

ध्वनि कंपन करने वाली वस्तुओं द्वारा उत्पन्न होती है। कंपन रुकते ही ध्वनि भी रुक जाती है; कंपन करने वाली वस्तु ध्वनि का स्रोत कहलाती है। ध्वनि एक अनुदैर्घ्य यांत्रिक तरंग के रूप में चलती है — क्रमिक संपीडन (उच्च घनत्व) और विरलन (निम्न घनत्व) आगे बढ़ते हैं जबकि माध्यम के कण केवल अपनी माध्य स्थिति के इधर-उधर दोलन करते हैं। ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती। ध्वनि तरंग तरंगदैर्घ्य λ (m), आवृत्ति ν (Hz), आवर्तकाल T (s) और आयाम से वर्णित होती है। इनमें संबंध हैं ν = 1/T तथा v = ν × λ । ध्वनि की चाल माध्यम पर निर्भर करती है, स्रोत पर नहीं — ठोसों में सर्वाधिक (स्टील ≈ 5000 m s⁻¹), द्रवों में कम (जल ≈ 1500 m s⁻¹), गैसों में न्यूनतम (वायु ≈ 340 m s⁻¹); ताप और आर्द्रता बढ़ने पर चाल बढ़ती है। ध्वनि का परावर्तन प्रतिध्वनि (कम-से-कम 0.1 s का अंतराल चाहिए, अर्थात 340 m s⁻¹ पर परावर्तक कम-से-कम 17 m

  1. चिंतन कीजिए
  2. पाठ्य प्रश्न
  3. क्रियाकलाप 10.1
  4. पाठ्य प्रश्न
  5. क्रियाकलाप 10.2
  6. सोचिए और बताइए
  7. पाठ्य प्रश्न
  8. क्रियाकलाप 10.3
  9. क्रियाकलाप 10.4
  10. पाठ्य प्रश्न
  11. सोचिए और बताइए
  12. क्रियाकलाप 10.5
  13. पाठ्य प्रश्न
  14. सोचिए और बताइए
  15. क्रियाकलाप 10.6
  16. सोचिए और बताइए
  17. सोचिए और बताइए
  18. क्रियाकलाप 10.7
  19. सोचिए और बताइए
  20. क्या होगा यदि…
  21. सोचिए और बताइए
  22. सोचिए और बताइए
  23. क्रियाकलाप 10.8
  24. पाठ्य प्रश्न
  25. सोचिए और बताइए
  26. क्या होगा यदि…
  27. सोचिए और बताइए
  28. अभ्यास प्रश्न
  29. परियोजना कार्य
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ