प्र1.
ओजोन परत इतनी महत्त्वपूर्ण क्यों है?
उत्तर
क्योंकि सूर्य से आती लघु तरंगदैर्घ्य वाली पराबैंगनी विकिरण को भूमि तक पहुँचने से पहले रोकने वाली केवल यही परत है। इसके बिना पराबैंगनी किरणें सजीवों के नेत्रों, त्वचा और DNA को हानि पहुँचातीं और पूरे पारितंत्र को नष्ट कर देतीं।
ओजोन समतापमंडल (12 – 50 km) में स्थित है
पराबैंगनी किरणों की तरंगदैर्घ्य का परास = 100 nm से 400 nm, जहाँ 1 nm = 10–9 m
तरंगदैर्घ्य जितनी कम → ऊर्जा उतनी अधिक → जीवित ऊतक को उतनी अधिक हानि
ओजोन इस UV को अवशोषित कर लेती है → वह ऊर्जा जीवन को हानि पहुँचाने के बजाय समतापमंडल को गर्म करती है
पराबैंगनी किरणों की तरंगदैर्घ्य का परास = 100 nm से 400 nm, जहाँ 1 nm = 10–9 m
तरंगदैर्घ्य जितनी कम → ऊर्जा उतनी अधिक → जीवित ऊतक को उतनी अधिक हानि
ओजोन इस UV को अवशोषित कर लेती है → वह ऊर्जा जीवन को हानि पहुँचाने के बजाय समतापमंडल को गर्म करती है
जिज्ञासा-सूत्र की कहानी और उसका महत्त्व:
- परत कैसे घटती है। ओजोन निरंतर बनती और नष्ट होती रहती है। संकट तभी आता है जब "ओजोन अणुओं का विनाश उनकी प्राकृतिक निर्माण दर से अधिक शीघ्रता से" होने लगे — तब परत पतली हो जाती है।
- कारण क्या था। रेफ्रिजरेटर और ऐरोसॉल में प्रयुक्त मानव-निर्मित क्लोरोफ्लुओरोकार्बन (CFCs) ऊपर समतापमंडल तक पहुँचकर ओजोन नष्ट करने लगे। अंटार्कटिका के ऊपर हुए भारी क्षरण को ओजोन छिद्र कहा गया।
- क्या किया गया। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल नामक वैश्विक समझौते ने CFC का उपयोग घटाया — और अब यह परत धीरे-धीरे पुनर्निर्मित हो रही है।
दो ओजोन में भ्रम न कीजिए। ऊपर समतापमंडल की ओजोन रक्षक है — वह पराबैंगनी किरणें रोकती है। धरातल के निकट बनी ओजोन, जो वाहनों के धुएँ और सूर्य के प्रकाश की अभिक्रिया से बनती है, "स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है"। अणु वही है, निर्णय उल्टा — और यह निर्णय पूरी तरह इस बात से तय होता है कि वह कहाँ है।