कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 6 क्रियाकलाप 6.2 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
बल बढ़ाते हुए कमानीदार तुला को धीरे-धीरे खींचिए और जैसे ही गुटका गति आरंभ करे तो तुला के पाठ्यांक को अभिलेखित कीजिए। यह पाठ्यांक क्या दर्शाता है?
उत्तर

यह उस सतह द्वारा गुटके पर लगाए गए घर्षण बल का परिमाण दर्शाता है (फिसलन आरंभ होने से पहले सतह अधिकतम जितना घर्षण बल दे सकती है, उसका सन्निकट मान)।

गुटके पर क्षैतिज बल: स्प्रिंग का खिंचाव (आगे), घर्षण बल (पीछे)
"जैसे ही गति आरंभ करे" — उस क्षण वेग अभी बदल नहीं रहा
→ त्वरण ≈ 0 → परिणामी बल ≈ 0
→ Fस्प्रिंग = Fघर्षण
अतः तुला का पाठ्यांक = घर्षण बल, न्यूटन में
संकेत: तुला को समान गति से और पूर्णत: क्षैतिज खींचिए। झटके से या तिरछा खींचने पर ऊर्ध्वाधर घटक जुड़ जाता है और पाठ्यांक बिगड़ जाता है।
प्र2.
यदि गुटके का वेग न तो बढ़ रहा हो और न ही घट रहा हो तो आप गुटके पर लगने वाले परिणामी बल के विषय में क्या कह सकते हैं?
उत्तर

गुटके पर लगने वाला परिणामी बल शून्य है

वेग नियत → वेग में परिवर्तन = 0
→ त्वरण a = 0 m s–2
F = ma = m × 0 = 0 N
ऐसा क्यों होता है: यह न्यूटन का प्रथम नियम उलटे क्रम में पढ़ना है। नियत वेग — विरामावस्था भी इसी की विशेष स्थिति है — परिणामी बल शून्य होने का लक्षण है। गुटके पर बल तो लग ही रहे हैं (आपका खिंचाव, घर्षण बल, भार, अभिलंब बल), परंतु वे युग्मों में निरस्त हो जाते हैं और वेग बदलने के लिए कुछ शेष नहीं बचता।
प्र3.
क्या कमानीदार तुला का पाठ्यांक लकड़ी के गुटके पर लगने वाले घर्षण बल के परिमाण को दर्शाता है?
उत्तर

हाँ — सन्निकट रूप से। क्योंकि परिणामी बल शून्य है, स्प्रिंग का खिंचाव और घर्षण बल परिमाण में बराबर तथा दिशा में विपरीत होने चाहिए, अतः तुला का पाठ्यांक घर्षण बल दे देता है।

"सन्निकट" क्यों: हाथ से खींचने पर गुटका पूर्णत: नियत वेग से नहीं चलता, कमानीदार तुला का अल्पतमांक सीमित होता है, और फिसलन आरंभ होते ही घर्षण बल थोड़ा बदल जाता है। इसलिए पाठ्यांक एक अच्छा आकलन है, यथार्थ मान नहीं। सतहों की तुलना के लिए यह पूर्णत: पर्याप्त है, और क्रियाकलाप को यही चाहिए।
प्र4.
सभी सतहों के लिए कमानीदार तुला के पाठ्यांक की तुलना कीजिए। क्या पाठ्यांक भिन्न-भिन्न हैं? क्या पाठ्यांक उस सतह के लिए सबसे कम है जिस पर सिक्कों के ढेर ने सबसे अधिक दूरी तय की है? क्या पाठ्यांक उस सतह के लिए सबसे अधिक है जिस पर तय की गई दूरी न्यूनतम थी?
उत्तर

तीनों का उत्तर हाँ है। पाठ्यांक सतह-दर-सतह भिन्न आते हैं और क्रियाकलाप 6.1 से पूर्णत: मेल खाते हैं।

सतहक्रियाकलाप 6.1 में दूरीक्रियाकलाप 6.2 में तुला का पाठ्यांकघर्षण बल
पॉलिशदार संगमरमर / टाइलसबसे अधिकसबसे कमसबसे कम
पटलित मेज पटलमध्यममध्यममध्यम
लकड़ी का मेज पटलसबसे कमसबसे अधिकसबसे अधिक
दोनों क्रियाकलाप एक ही उत्तर क्यों देते हैं: क्रियाकलाप 6.1 घर्षण बल को अप्रत्यक्ष रूप से मापता है — अधिक घर्षण का अर्थ है अधिक मंदन (a = Fघर्षण/m) और इसलिए कम दूरी। क्रियाकलाप 6.2 उसी घर्षण बल को सीधे न्यूटन में मापता है। दोनों को सतहों का एक ही क्रम देना चाहिए और वे देते भी हैं। यही मेल निष्कर्ष को विश्वसनीय बनाता है।
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