प्र1.
कल्पना कीजिए कि आप दूसरे कमानीदार तुला के मुक्त सिरे को अपने दूसरे हाथ से खींच रहे हैं। पूर्वानुमान लगाइए कि यदि दोनों कमानीदार तुला स्थिर हों तो उनके पाठ्यांकों में क्या संबंध होगा?
उत्तर
पूर्वानुमान: दोनों तुलाओं का पाठ्यांक ठीक एक-सा (न्यूटन में बराबर) होगा।
तुला A, तुला B पर बल FAB लगाती है
तुला B, तुला A पर बल FBA लगाती है
न्यूटन का तृतीय नियम: |FAB| = |FBA|
प्रत्येक कमानीदार तुला उस बल का परिमाण दिखाती है जो उसे खींच रहा है
→ पाठ्यांक A = पाठ्यांक B
तुला B, तुला A पर बल FBA लगाती है
न्यूटन का तृतीय नियम: |FAB| = |FBA|
प्रत्येक कमानीदार तुला उस बल का परिमाण दिखाती है जो उसे खींच रहा है
→ पाठ्यांक A = पाठ्यांक B
यह पूर्वानुमान सुरक्षित क्यों है: दोनों तुलाएँ हुक से आपस में जुड़ी हैं, अतः एक पर लगने वाला बल पूर्णत: दूसरी से ही आता है। न्यूटन का तृतीय नियम कहता है कि ऐसा युग्म सदैव परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होता है, चाहे आप धीरे खींचें या ज़ोर से। और चूँकि तुलाएँ स्थिर हैं, प्रत्येक पर परिणामी बल शून्य है, इसलिए पाठ्यांक में कुछ और जुड़ भी नहीं सकता।