कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 6 क्रियाकलाप 6.6 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
कल्पना कीजिए कि आप दूसरे कमानीदार तुला के मुक्त सिरे को अपने दूसरे हाथ से खींच रहे हैं। पूर्वानुमान लगाइए कि यदि दोनों कमानीदार तुला स्थिर हों तो उनके पाठ्यांकों में क्या संबंध होगा?
उत्तर

पूर्वानुमान: दोनों तुलाओं का पाठ्यांक ठीक एक-सा (न्यूटन में बराबर) होगा।

तुला A, तुला B पर बल FAB लगाती है
तुला B, तुला A पर बल FBA लगाती है
न्यूटन का तृतीय नियम: |FAB| = |FBA|
प्रत्येक कमानीदार तुला उस बल का परिमाण दिखाती है जो उसे खींच रहा है
पाठ्यांक A = पाठ्यांक B
यह पूर्वानुमान सुरक्षित क्यों है: दोनों तुलाएँ हुक से आपस में जुड़ी हैं, अतः एक पर लगने वाला बल पूर्णत: दूसरी से ही आता है। न्यूटन का तृतीय नियम कहता है कि ऐसा युग्म सदैव परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होता है, चाहे आप धीरे खींचें या ज़ोर से। और चूँकि तुलाएँ स्थिर हैं, प्रत्येक पर परिणामी बल शून्य है, इसलिए पाठ्यांक में कुछ और जुड़ भी नहीं सकता।
प्र2.
अब चरण 3 को दोहराइए। आपके द्वारा लगाए गए बल के परिमाण को परिवर्तित करके इसे कई बार दोहराइए। क्या आपका अवलोकन आपके पूर्वानुमान के समान है?
उत्तर

हाँ। आप चाहे कम बल से खींचें, मध्यम से या अधिक से — दोनों पैमानों का पाठ्यांक हर बार एक ही आता है।

प्रयासतुला A का पाठ्यांकतुला B का पाठ्यांकनिष्कर्ष
हल्का खिंचावजैसे 2 N2 Nबराबर
मध्यम खिंचावजैसे 5 N5 Nबराबर
तेज खिंचावजैसे 9 N9 Nबराबर
यह क्या सिद्ध करता है: दोनों तुलाएँ एक-दूसरे पर विपरीत दिशा में जो बल लगाती हैं वे परिमाण में बराबर हैं — और बल का परिमाण बदलने पर भी बराबर ही बने रहते हैं। अलग-अलग बलों के साथ दोहराना ही एक संयोगवश मिले पाठ्यांक को एक सामान्य नियम — न्यूटन के गति के तृतीय नियम — के प्रमाण में बदल देता है।
संकेत: दोनों तुलाएँ क्षैतिज हों और आरंभ में शून्य पढ़ें, अन्यथा उनका अपना भार तुलना में व्यवस्थित त्रुटि जोड़ देगा।
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