प्र1.
अब अपने दोनों हाथों का उपयोग करके मेज को अपने से दूर धकेलिए अर्थात चित्र 6.23 (क) में दर्शाए अनुसार मेज पर आगे की दिशा में बल लगाइए। आप क्या अनुभव करते हैं? क्या जिस कुर्सी पर आप बैठे हैं वह विपरीत दिशा में गति करती है?
उत्तर
आप कुर्सी सहित पीछे की ओर खिसक जाते हैं — हाँ, कुर्सी आपके धक्के की विपरीत दिशा में गति करती है।
आप मेज को आगे की ओर बल F से धकेलते हैं
मेज आपको पीछे की ओर उतने ही बल F से धकेलती है
आपके पैर फर्श से ऊपर हैं, अतः घर्षण आपको रोक नहीं रहा
आप + कुर्सी पर परिणामी बल = F पीछे की ओर → आप पीछे त्वरित होते हैं
मेज आपको पीछे की ओर उतने ही बल F से धकेलती है
आपके पैर फर्श से ऊपर हैं, अतः घर्षण आपको रोक नहीं रहा
आप + कुर्सी पर परिणामी बल = F पीछे की ओर → आप पीछे त्वरित होते हैं
ऐसा क्यों होता है: बल कभी अकेला नहीं लगता — बल के लिए कम-से-कम दो वस्तुओं का परस्पर क्रिया करना आवश्यक है। जब आपके हाथ मेज पर दबाव डालते हैं तो मेज भी आपके हाथों पर बराबर और विपरीत बल लगाती है। भारी मेज अपने बड़े द्रव्यमान और नीचे के घर्षण के कारण मुश्किल से हिलती है, परंतु आप पहियों वाली कुर्सी पर हैं, अतः आप पर लगने वाला पीछे का बल लगभग निर्विरोध है और आप लुढ़क जाते हैं।
संकेत: पैरों को फर्श से ऊपर उठाना महत्त्वपूर्ण है। पैर नीचे होने पर फर्श का घर्षण मेज के धक्के को संतुलित कर देता और आप नहीं हिलते।