कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
इस प्रकार के प्रकरणों में जब किसी वस्तु पर चाहे वह स्थिर हो या गतिमान, एक से अधिक बल लग रहे हों तो उन बलों का उस वस्तु पर कुल प्रभाव क्या होता है?
उत्तर

केवल परिणामी बल का प्रभाव पड़ता है — वस्तु ठीक वैसा व्यवहार करती है मानो उस पर केवल वही एक बल लग रहा हो।

  • यदि बल संतुलित हैं (परिमाण बराबर, दिशा विपरीत) तो परिणामी बल शून्य होता है। विरामावस्था में रखी वस्तु विरामावस्था में ही रहती है और गतिमान वस्तु नियत वेग से चलती रहती है। जल पर तैरती गेंद ऐसा ही उदाहरण है — नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण बल और ऊपर की ओर उत्प्लावन बल एक-दूसरे को संतुलित करते हैं।
  • यदि बल असंतुलित हैं तो शून्येतर परिणामी बल लगता है। एक ही दिशा के बल जुड़ते हैं; विपरीत दिशा के बल घटते हैं और परिणामी बल बड़े बल की दिशा में होता है। तब वस्तु परिणामी बल की दिशा में त्वरित होती है।
एक ही दिशा: परिणामी F = F1 + F2
विपरीत दिशाएँ: परिणामी F = |F1 – F2|, बड़े बल की दिशा में
संकेत: फर्श पर रखे बक्से को धकेलते समय आपका बल और घर्षण बल दोनों लगते हैं। बक्सा तभी चलता है जब आपका धक्का घर्षण बल से अधिक हो, क्योंकि तभी परिणामी बल शून्येतर और आगे की ओर होता है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ