कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 6 चिंतन कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-08
प्र1.
जब कोई नाविक अपने चप्पू से जल को पीछे की ओर धकेलता है तो उसकी डोंगी (छोटी नौका) आगे की ओर क्यों बढ़ती है? और जब वह जल को धकेलने के लिए अधिक बल लगाता है तो डोंगी की गति अधिक तीव्र हो जाती है, ऐसा क्यों होता है?
उत्तर
क्योंकि जल भी चप्पू को पीछे से धकेलता है। यह न्यूटन के गति के तृतीय नियम का उदाहरण है — चप्पू और जल एक क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म बनाते हैं।
चप्पू जल को पीछे की ओर बल F से धकेलता है
जल चप्पू को आगे की ओर उतने ही बल F से धकेलता है
दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं — जल और चप्पू — पर लगते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते
चप्पू पर लगने वाला यह अग्रगामी बल नाविक की भुजाओं से होकर डोंगी तक पहुँचता है और डोंगी आगे की ओर त्वरित होती है।
अधिक बल लगाने पर गति अधिक क्यों: अधिक ज़ोर से धकेलने पर जल पर लगने वाला F बड़ा होता है, अतः तृतीय नियम से जल भी चप्पू को उतने ही बड़े बल से आगे धकेलता है। द्वितीय नियम a = F/m के अनुसार डोंगी का द्रव्यमान वही रहने पर बड़ा बल बड़ा त्वरण देता है, इसलिए प्रत्येक स्ट्रोक में डोंगी अधिक तेजी से वेग प्राप्त करती है।
डोंगी को आगे बढ़ाने वाला क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म। दोनों तीर बराबर हैं परंतु अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं।
प्र2.
मान लीजिए कि वही नाविक उसी चप्पू से उतना ही बल लगाकर दो अलग-अलग डोंगियों को चलाता है जिनमें से एक डोंगी खाली है तथा दूसरी डोंगी में एक अन्य यात्री भी बैठा है। इनमें से कौन-सी डोंगी अधिक तीव्र गति से चलेगी?
उत्तर
खाली डोंगी अधिक तीव्र गति से चलेगी।
a = F ÷ m (न्यूटन का द्वितीय नियम)
दोनों स्थितियों में चप्पू का बल F समान
खाली डोंगी: m कम → a अधिक
यात्री सहित डोंगी: m अधिक → a कम
ऐसा क्यों होता है: त्वरण द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यात्री बैठ जाने से डोंगी सहित कुल द्रव्यमान बढ़ जाता है, इसलिए वही बल कम त्वरण उत्पन्न करता है। समान समय में खाली डोंगी अधिक वेग प्राप्त कर लेती है।
स्वयं जाँचिए: यदि नाविक सहित खाली डोंगी 100 kg की है और यात्री 50 kg जोड़ता है, तो 300 N बल पर खाली डोंगी का त्वरण a = 300 N ÷ 100 kg = 3 m s–2 और भरी डोंगी का a = 300 N ÷ 150 kg = 2 m s–2 होगा — दो-तिहाई।
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