प्र1.
एक वस्तु नियत वेग से गति कर रही है। क्या उस पर कोई परिणामी बल कार्य कर रहा है?
उत्तर
नहीं। उस पर परिणामी बल शून्य है।
नियत वेग → वेग के परिमाण या दिशा में कोई परिवर्तन नहीं
→ त्वरण a = 0 m s–2
परिणामी F = ma = m × 0 m s–2 = 0 N
→ त्वरण a = 0 m s–2
परिणामी F = ma = m × 0 m s–2 = 0 N
ऐसा क्यों होता है: परिणामी बल वेग को बदलता है, बनाए नहीं रखता। अलग-अलग बल तो लग ही सकते हैं — 60 km h–1 की नियत चाल से चलती कार पर इंजन का बल, घर्षण बल, भार और अभिलंब बल सभी लगते हैं — परंतु वे परस्पर ठीक-ठीक निरस्त हो जाते हैं और परिणामी बल शून्य रहता है।
संकेत: "नियत वेग" में विरामावस्था (v = 0 नियत) भी सम्मिलित है। दोनों स्थितियों में त्वरण शून्य है और इसलिए परिणामी बल भी शून्य।