प्र1.
कल्पना कीजिए कि आप एक वैज्ञानिक हैं और आपने एक नया तत्व खोजा है। उसका नाम अपने नाम पर रखिए और सिद्ध कीजिए कि आपने उसके लिए जिस प्रतीक का चयन किया वह आई.यू.पी.ए.सी. के नियमों का पालन करता है।
उत्तर
यह उत्तर आपको स्वयं गढ़ना है, अतः यहाँ एक नमूना दिया गया है जिससे आप तर्क की विधि ले सकते हैं।
नमूना उत्तर: मैं अपने नाम पर इस तत्व का नाम आनंदियम रखता हूँ और इसका प्रतीक An चुनता हूँ।
अध्याय में दिए आई.यू.पी.ए.सी. नियमों के अनुसार औचित्य —
| नियम | क्या ‘An’ इसका पालन करता है? |
|---|---|
| प्रतीक नाम का प्रथम अक्षर अथवा प्रथम दो अक्षर हो | हाँ — Anandium (आनंदियम) |
| प्रथम अक्षर बड़ा, द्वितीय अक्षर (यदि हो) छोटा | हाँ — A बड़ा, n छोटा। न AN, न an |
| प्रतीक पहले से किसी तत्व का न हो | जाँच लिया — ज्ञात 118 तत्वों में से किसी का प्रतीक An नहीं है |
| किसी व्यक्ति के नाम पर रखे तत्वों का नाम -ium पर समाप्त होता है | हाँ — आनंद + ियम = आनंदियम, जैसे क्यूरियम एवं आइंस्टीनियम |
यदि ‘An’ पहले से प्रयोग में होता तो तीसरा आई.यू.पी.ए.सी. नियम द्वितीय अक्षर के स्थान पर नाम के किसी बाद वाले अक्षर की अनुमति देता है — जैसे Ad (आनदियम से) अथवा Am। क्लोरीन को Cl और जिंक को Zn ठीक इसी नियम से मिला है।
संकेत: आई.यू.पी.ए.सी. — 'शुद्ध और अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान का अंतर्राष्ट्रीय संघ' — वह संस्था है जो वास्तव में नामों एवं प्रतीकों को स्वीकृति देती है। वास्तविक तत्वों के नाम स्थानों (पोलोनियम, निहोनियम), वैज्ञानिकों (बोरियम, माइटनेरियम) अथवा गुणधर्मों पर रखे जाते हैं, और किसी जीवित व्यक्ति के स्वयं के अनुरोध पर किसी तत्व का नाम नहीं रखा जाता।