कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 9 क्रियाकलाप 9.1 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
आपने क्या अवलोकन किया? (नमक घुल जाने के पश्चात)
उत्तर

तुला का पाठ्यांक नहीं बदलता। हिलाने से पूर्व पलड़े पर जल और अविलेय नमक का ढेर था; हिलाने के पश्चात उस पर स्वच्छ लवण-विलयन है — और प्रदर्शक पर वही संख्या दिखाई देती है।

लिए गए जल का द्रव्यमान (50 mL) ≈ 50.0 g
मिलाए गए नमक का द्रव्यमान (एक स्पैचुला) ≈ 2.0 g
विलयन का अपेक्षित द्रव्यमान = 50.0 g + 2.0 g = 52.0 g
घुलने के पश्चात वास्तविक पाठ्यांक = 52.0 g (±0.1 g के भीतर)

अतः विलयन का द्रव्यमान = जल का द्रव्यमान + नमक का द्रव्यमान। किसी ठोस का जल में घुलना एक भौतिक परिवर्तन है और इसमें द्रव्यमान न बढ़ता है न घटता है।

ऐसा क्यों होता है: नमक कहीं गया नहीं है। उसके Na⁺ और Cl⁻ आयन क्रिस्टल में जमे रहने के स्थान पर अब जल के अणुओं के बीच फैल गए हैं। जो भी कण पहले पलड़े पर था वह अब भी पलड़े पर ही है। न कुछ जोड़ा गया, न कुछ बाहर गया — अतः तुला भिन्न पाठ्यांक दे ही नहीं सकती।
यह कीजिए: इसी क्रियाकलाप को कागज के साथ दोहराइए। कागज को तोलिए, पलड़े पर ही उसके छोटे-छोटे टुकड़े कीजिए और पुनः तोलिए। पाठ्यांक वही रहेगा। टुकड़े करने से आकार बदलता है, द्रव्य की मात्रा नहीं।
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