कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 9 चिंतन कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
जल विभिन्न स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है। क्या जल के ये सभी प्रतिदर्श (sample) रासायनिक रूप से एकसमान होते हैं?
उत्तर

जल स्वयं एकसमान होता है, प्रतिदर्श नहीं। प्रत्येक प्रतिदर्श को शोधित कर लेने पर वह एक ही यौगिक H₂O रह जाता है जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात सदैव 1 : 8 होता है — यही स्थिर अनुपात के नियम का कथन है।

भिन्नता उन पदार्थों में है जो जल अपने साथ लिए रहता है —

  • नदी का जल — निलंबित मिट्टी, घुली हुई ऑक्सीजन, कार्बनिक पदार्थ के अंश।
  • बोरवेल का जल — घुले हुए कैल्सियम एवं मैग्नीशियम के लवण (इन्हीं से जल कठोर बनता है), कभी-कभी आयरन अथवा फ्लुओराइड।
  • समुद्री जल — प्रति किलोग्राम लगभग 35 g घुले हुए लवण, जिनमें अधिकांश सोडियम क्लोराइड है।
  • वर्षा जल — वायु से घुली कार्बन डाइऑक्साइड एवं अन्य गैसें।

अतः ये सभी मिश्रण हैं, और मिश्रण में अवयव किसी भी अनुपात में हो सकते हैं। इनमें से किसी का भी आसवन कीजिए तो शुद्ध जल ही प्राप्त होगा — और उसके 9 g से सदैव 1 g हाइड्रोजन तथा 8 g ऑक्सीजन ही मिलेंगे।

ऐसा क्यों होता है: किसी यौगिक का संघटन इस बात से निश्चित होता है कि उसके परमाणु किस प्रकार आबंधित हैं — जल में सदैव दो हाइड्रोजन परमाणु एक ऑक्सीजन परमाणु से जुड़े रहते हैं। स्रोत इसे बदल नहीं सकता। मिश्रण का संघटन किसी आबंध से बँधा नहीं होता, अतः वह स्वतंत्र रूप से बदल सकता है।
प्र2.
ऑक्सीजन को कभी O और कभी O2 के रूप में निरूपित किया जाता है। इन दोनों प्रतीकों में क्या अंतर है?
उत्तर

O ऑक्सीजन के एक परमाणु को निरूपित करता है; O₂ ऑक्सीजन गैस के एक अणु को, जिसमें द्वि-आबंध द्वारा जुड़े दो ऑक्सीजन परमाणु होते हैं।

प्रतीकक्या निरूपित करता हैपरमाणुओं की संख्याद्रव्यमानक्या स्वतंत्र रूप से रह सकता है?
Oऑक्सीजन का एक परमाणु116 uनहीं — अकेले O परमाणु के संयोजकता कोश में केवल 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं, अतः वह अस्थायी है
O₂ऑक्सीजन गैस का एक अणु232 uहाँ — दोनों परमाणुओं का अष्टक पूर्ण है

जब किसी सूत्र के भीतर परमाणु गिनने होते हैं तब O लिखा जाता है — H₂O में, CO₂ में, CaO में। जब उस गैस की बात होती है जिसमें हम साँस लेते हैं, तब O₂ लिखा जाता है।

ऐसा क्यों होता है: ऑक्सीजन परमाणु का विन्यास 2, 6 है — अष्टक से दो इलेक्ट्रॉन कम। दो ऑक्सीजन परमाणु मिलकर दो इलेक्ट्रॉन युग्म साझा कर लेते हैं, जिससे दोनों को आठ संयोजकता इलेक्ट्रॉन प्राप्त हो जाते हैं। यही द्वि-आबंध O=O है और इसी कारण वायु की मुक्त ऑक्सीजन O₂ है, O नहीं।
क्या आप जानते हैं? ऑक्सीजन परमाणु तीन-तीन के समूह में भी जुड़ सकते हैं और ओज़ोन O₃ बनाते हैं। एक ही तत्व, भिन्न अणु और बिलकुल भिन्न व्यवहार — O₂ धरातल पर हमें जीवित रखती है और O₃ ऊपरी वायुमंडल में पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है।
प्र3.
जल में घुला हुआ नमक विद्युत का सुचालक होता है परंतु चीनी नहीं, ऐसा क्यों?
उत्तर

क्योंकि नमक जल में मुक्त आयनों में विभाजित हो जाता है और चीनी नहीं। विलयन में विद्युत धारा उन आवेशित कणों से बहती है जो गति करने के लिए मुक्त हों; चीनी के विलयन में ऐसा कोई कण नहीं होता।

  • साधारण नमक NaCl एक आयनिक यौगिक है। इसका ठोस पहले से ही जालक में बँधे Na⁺ और Cl⁻ आयनों से बना होता है। जल इस जालक को तोड़ देता है और आयन मुक्त हो जाते हैं। बैटरी जोड़ते ही Na⁺ ऋण इलेक्ट्रोड की ओर और Cl⁻ धन इलेक्ट्रोड की ओर बहने लगते हैं — यही बहाव धारा है और बल्ब प्रदीप्त हो जाता है।
  • चीनी एक सहसंयोजी यौगिक है। यह घुलती तो अच्छी तरह है, परंतु जल में जो फैलते हैं वे पूरे और वैद्युत उदासीन चीनी के अणु होते हैं। कोई आवेश मुक्त नहीं होता, किसी इलेक्ट्रोड की ओर कुछ नहीं बहता, और बल्ब नहीं जलता।
ऐसा क्यों होता है: घुलना और आयनित होना दो भिन्न बातें हैं। नमक और चीनी दोनों घुलते हैं; केवल नमक आयनित होता है। जल में आयनिक और सहसंयोजी यौगिक का यही मूल अंतर है।
स्वयं जाँचिए: ठोस नमक भी विद्युत का चालन नहीं करता। शुष्क क्रिस्टल में आयन नियत स्थितियों में बँधे रहते हैं, अतः आवेश होते हुए भी वे गति नहीं कर सकते। केवल आवेश का होना पर्याप्त नहीं — उसका गतिशील होना भी आवश्यक है।
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