जल स्वयं एकसमान होता है, प्रतिदर्श नहीं। प्रत्येक प्रतिदर्श को शोधित कर लेने पर वह एक ही यौगिक H₂O रह जाता है जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात सदैव 1 : 8 होता है — यही स्थिर अनुपात के नियम का कथन है।
भिन्नता उन पदार्थों में है जो जल अपने साथ लिए रहता है —
- नदी का जल — निलंबित मिट्टी, घुली हुई ऑक्सीजन, कार्बनिक पदार्थ के अंश।
- बोरवेल का जल — घुले हुए कैल्सियम एवं मैग्नीशियम के लवण (इन्हीं से जल कठोर बनता है), कभी-कभी आयरन अथवा फ्लुओराइड।
- समुद्री जल — प्रति किलोग्राम लगभग 35 g घुले हुए लवण, जिनमें अधिकांश सोडियम क्लोराइड है।
- वर्षा जल — वायु से घुली कार्बन डाइऑक्साइड एवं अन्य गैसें।
अतः ये सभी मिश्रण हैं, और मिश्रण में अवयव किसी भी अनुपात में हो सकते हैं। इनमें से किसी का भी आसवन कीजिए तो शुद्ध जल ही प्राप्त होगा — और उसके 9 g से सदैव 1 g हाइड्रोजन तथा 8 g ऑक्सीजन ही मिलेंगे।