उद्देश्य: यह दर्शाना कि भिन्न-भिन्न स्रोतों का जल सदैव हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में एक ही निश्चित अनुपात में विभाजित होता है — अर्थात स्थिर अनुपात के नियम की प्रत्यक्ष जाँच।
सिद्धांत। जल में दिष्ट धारा प्रवाहित करने पर उसका अपघटन होता है। हाइड्रोजन कैथोड (ऋण इलेक्ट्रोड) पर और ऑक्सीजन ऐनोड पर एकत्रित होती है। यदि जल सदैव H₂O है तो आयतन अनुपात सदैव 2 : 1 ही निकलना चाहिए, स्रोत चाहे कोई भी हो।
उपकरण: हॉफमान वोल्टामीटर (अथवा एक प्लास्टिक टब में दो कार्बन इलेक्ट्रोडों पर उलटी रखी दो अंशांकित परखनलियाँ), 9 V बैटरी, तनु सल्फ्यूरिक अम्ल, तथा चार स्रोतों का जल — नल, वर्षा, बोरवेल और नदी।
विधि
- प्रत्येक प्रतिदर्श को छानकर फिर आसवित कीजिए। यही चरण प्रयोग का निर्णायक चरण है — घुले हुए लवण हटने ही चाहिए, अन्यथा आप जल का नहीं, विलयन का विद्युत अपघटन कर रहे होंगे।
- उपकरण में पहला आसवित प्रतिदर्श भरिए। चालकता देने के लिए तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की 3–4 बूँदें डालिए। प्रत्येक प्रतिदर्श में ठीक उतनी ही मात्रा डालिए।
- दोनों अंशांकित नलिकाओं को पूरी तरह भरकर इलेक्ट्रोडों पर उलटा रखिए और 9 V बैटरी जोड़िए।
- एक निश्चित समय तक — मान लीजिए 10 मिनट — चलाइए और प्रत्येक नलिका में एकत्रित गैस का आयतन पढ़िए।
- गैसों की जाँच कीजिए : अधिक आयतन वाली गैस जलती हुई तीली के पास ‘पॉप’ ध्वनि देती है (हाइड्रोजन); कम आयतन वाली गैस सुलगती तीली को पुनः जला देती है (ऑक्सीजन)।
- उपकरण को अच्छी तरह धोकर चारों स्रोतों के लिए यही दोहराइए।
नमूना प्रेक्षण
| जल का स्रोत | H₂ का आयतन | O₂ का आयतन | अनुपात H₂ : O₂ |
|---|---|---|---|
| नल का जल | 20.0 mL | 10.0 mL | 2 : 1 |
| वर्षा जल | 18.2 mL | 9.1 mL | 2 : 1 |
| बोरवेल का जल | 21.4 mL | 10.6 mL | 2 : 1 |
| नदी का जल | 19.6 mL | 9.9 mL | 2 : 1 |
निष्कर्ष। कुल आयतन प्रत्येक प्रयास में कुछ भिन्न रहता है — यह केवल धारा और समय के छोटे अंतरों को दर्शाता है — परंतु अनुपात हर बार 2 : 1 ही रहता है। प्रत्येक स्रोत के जल का संघटन एक ही है।
→ H₂ के 2 अणु : O₂ का 1 अणु → 4 H परमाणु : 2 O परमाणु → H₂O
द्रव्यमान के अनुसार : (4 × 1 u) : (2 × 16 u) = 4 : 32 = 1 : 8 ✓
जाँच को निष्पक्ष रखने वाले नियंत्रण: प्रत्येक प्रयास में अम्ल का समान आयतन, वही इलेक्ट्रोड, वही धारा और वही समय; और आयतन तभी पढ़िए जब नलिकाएँ ठंडी हो चुकी हों तथा बुलबुले निकल चुके हों।