कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 9 सोचिए और बताइए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
नाइट्रिक अम्ल (HNO3) का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। परमाणु द्रव्यमान – H = 1 u; N = 14 u; O = 16 u
उत्तर

63 u।

आण्विक द्रव्यमान = सूत्र में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग
HNO₃ में हैं : 1 H, 1 N, 3 O
= (1 u × 1) + (14 u × 1) + (16 u × 3)
= 1 u + 14 u + 48 u
= 63 u
ऐसा क्यों होता है: परमाणु का लगभग समस्त द्रव्यमान उसके नाभिक में होता है, और आबंधन केवल बाह्य इलेक्ट्रॉनों को पुनर्व्यवस्थित करता है — जिनका द्रव्यमान नगण्य है। अतः परमाणुओं के जुड़ने पर द्रव्यमान न बढ़ता है न घटता है, और अणु का द्रव्यमान उसके परमाणुओं के द्रव्यमानों का सीधा योग होता है। यह एक अणु पर लागू किया गया द्रव्यमान संरक्षण का नियम ही है।
संकेत: पादांक केवल अपने ठीक पहले वाले प्रतीक को गुणा करता है। HNO₃ में 3 केवल O का है, अतः 16 × 3 होगा, (14 + 16) × 3 नहीं।
प्र2.
मेथेन (CH4) का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। परमाणु द्रव्यमान— C = 12 u; H = 1 u
उत्तर

16 u।

CH₄ में हैं : 1 C, 4 H
आण्विक द्रव्यमान = (12 u × 1) + (1 u × 4)
= 12 u + 4 u
= 16 u

मेथेन एक सहसंयोजी यौगिक है : कार्बन को चार इलेक्ट्रॉन चाहिए और प्रत्येक हाइड्रोजन को एक, अतः कार्बन चार एकल सहसंयोजी आबंध बनाता है — प्रत्येक हाइड्रोजन के साथ एक।

क्या आप जानते हैं? मेथेन बायोगैस और CNG का मुख्य अवयव है। यह एक प्रबल ग्रीनहाउस गैस भी है, इसीलिए गैस पाइपलाइनों तथा धान के खेतों से इसका रिसाव जलवायु की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
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