| भाग | उत्तर | कारण |
|---|---|---|
| (i) असंभव घटना की प्रायिकता | 0 | कोई भी परिणाम अनुकूल नहीं है, अतः P = 0/n(S) = 0. |
| (ii) सभी संभव परिणामों का समुच्चय | प्रतिदर्श समष्टि (S) | परिभाषा से; उसका आकार प्रतिदर्श आकार n(S) है। |
| (iii) निश्चित घटना की प्रायिकता | 1 | प्रत्येक परिणाम अनुकूल है, अतः P = n(S)/n(S) = 1. |
| (iv) निष्पक्ष सिक्के पर चित | 1/2 (0.5 अथवा 50%) | S = {H, T}, दोनों समप्रायिक, एक अनुकूल। |
कक्षा ९ गणित अध्याय 7 अंतिम प्रश्नावली के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-08
रिक्त स्थानों में क्रमशः सापेक्षिक आवृत्ति और 15/50 = 3/10 = 0.3 आएगा।
सापेक्षिक आवृत्ति = 15/50 = 3/10 = 0.3 अथवा 30% (कुल का एक अंश)
केवल (ii) और (iii) के परिणाम समप्रायिक हैं। (v) को विद्यालयी प्रश्नों में समप्रायिक माना जाता है, पर वह ठीक-ठीक समप्रायिक नहीं है।
| प्रयोग | समप्रायिक? | व्याख्या |
|---|---|---|
| (i) कार चालू होना / न होना | नहीं | परिणाम बैटरी, ईंधन और कार की आयु पर निर्भर है — ये भौतिक तथ्य हैं, सममिति नहीं। सुव्यवस्थित कार न चलने की तुलना में कहीं अधिक बार चालू होती है। |
| (ii) निष्पक्ष सिक्का एक बार उछालना | हाँ | सिक्का सममितीय और निष्पक्ष है, अतः किसी एक फलक के पक्ष में कोई कारण नहीं — P(चित) = P(पट) = 1/2. |
| (iii) निष्पक्ष षट्फलकीय पासा फेंकना | हाँ | छहों फलक आकार और भार में एक-से हैं, अतः प्रत्येक की प्रायिकता 1/6. |
| (iv) 3 लाल और 7 नीले कंचों में से एक | नहीं (रंग के अनुसार) | P(लाल) = 3/10 और P(नीला) = 7/10. दस कंचे समप्रायिक हैं, प्रत्येक 1/10; दो रंग समप्रायिक नहीं हैं। |
| (v) बच्चा लड़का है या लड़की | लगभग, पर ठीक-ठीक नहीं | विश्व भर के जन्म-अभिलेख बताते हैं कि लड़कों की संख्या कुछ अधिक होती है — प्रति 100 जन्मों में लगभग 51 लड़के। विद्यालयी प्रश्नों में इसे 1/2 मान लेना एक अच्छा सन्निकटन है, सममिति से निकला तथ्य नहीं। |
(i) दो सिक्के, कम-से-कम एक चित।
E = {HH, HT, TH}, n(E) = 3
P(कम-से-कम एक चित) = 3/4 = 0.75
अथवा पूरक से — असफल होने का एकमात्र ढंग TT है, अतः P = 1 − 1/4 = 3/4.
(ii) 1 से 10 तक के पत्तों में से एक, सम संख्या।
E = {2, 4, 6, 8, 10}, n(E) = 5
P(सम) = 5/10 = 1/2 = 0.5
(iii) पासा, 4 से बड़ी संख्या।
E = {5, 6}, n(E) = 2
P(4 से बड़ी) = 2/6 = 1/3 ≈ 0.333
(iv) 3 लाल, 2 नीली, 1 हरी — लाल नहीं। गेंदों को नाम दीजिए जिससे छहों समप्रायिक हो जाएँ —
E = 'लाल नहीं' = {नी1, नी2, ह}, n(E) = 3
P(लाल नहीं) = 3/6 = 1/2 = 0.5
पूरक से जाँच — P(लाल) = 3/6 = 1/2, अतः P(लाल नहीं) = 1 − 1/2 = 1/2 ✓
(v) तीन सिक्के, ठीक दो चित। प्रत्येक सिक्का सूची को दुगुना करता है, अतः n(S) = 2 × 2 × 2 = 8.
E = 'ठीक दो चित' = {HHT, HTH, THH}, n(E) = 3
P(ठीक दो चित) = 3/8 = 0.375
E = {स्ट्रॉबेरी}, n(E) = 1
P(स्ट्रॉबेरी) = 1/3 ≈ 0.333 अथवा लगभग 33.3%
प्रत्येक कमीज हर पतलून के साथ पहनी जा सकती है, अतः 2 × 3 = 6 पोषाकें बनेंगी।
| कमीज \ पतलून | जींस | खाकी | शॉर्ट्स |
|---|---|---|---|
| लाल | लाल + जींस | लाल + खाकी | लाल + शॉर्ट्स |
| नीली | नीली + जींस | नीली + खाकी | नीली + शॉर्ट्स |
(नीली, जींस), (नीली, खाकी), (नीली, शॉर्ट्स)}
n(S) = 2 × 3 = 6
कुल मामले — 20 + 210 + 325 + 445 = 1000 ✓ अतः प्रत्येक प्रायिकता = (उस वर्ग के मामले) ÷ 1000.
| दूरी (किमी) | 4000 से कम | 4001 से 9000 | 9001 से 14000 | 14000 से अधिक |
|---|---|---|---|---|
| मामलों की संख्या | 20 | 210 | 325 | 445 |
| प्रायिकता | 0.02 | 0.21 | 0.325 | 0.445 |
(i)
(ii) '4000 से 14000 के मध्य' में बीच के दोनों वर्ग आते हैं —
P = 535/1000 = 107/200 = 0.535 अथवा 53.5%
(iii)
जाँच — 0.02 + 0.535 + 0.445 = 1 ✓ अर्थात तीनों उत्तर मिलकर हजारों मामलों को ठीक एक-एक बार समेट लेते हैं।
PEACE में 5 अक्षर हैं, अतः 5 पत्ते हैं — P, E, A, C, E. प्रत्येक पत्ता समप्रायिक है, अतः n(S) = 5. ध्यान दीजिए कि E दो पत्तों पर है।
| अक्षर | P | E | A | C |
|---|---|---|---|---|
| पत्तों की संख्या | 1 | 2 | 1 | 1 |
| प्रायिकता | 1/5 | 2/5 | 1/5 | 1/5 |
(i) अनुकूल पत्ते — P (1 पत्ता), E (2 पत्ते) और C (1 पत्ता)।
P(P, E या C) = 4/5 = 0.8 अथवा 80%
(ii) जो पत्ते E नहीं हैं, वे P, A और C हैं।
P(E नहीं) = 3/5 = 0.6 अथवा 60%
जाँच — P(E) + P(E नहीं) = 2/5 + 3/5 = 1 ✓
चित्र 7.7 का चक्र 1 से 8 तक अंकित 8 बराबर त्रिज्यखंडों में बँटा है और प्रश्न बताता है कि ये समप्रायिक हैं। अतः S = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8} के साथ n(S) = 8, और प्रत्येक उत्तर = (कितने त्रिज्यखंड अनुकूल हैं) ÷ 8.
| भाग | अनुकूल त्रिज्यखंड | संख्या | प्रायिकता |
|---|---|---|---|
| (i) 8 | {8} | 1 | 1/8 = 0.125 |
| (ii) विषम संख्या | {1, 3, 5, 7} | 4 | 4/8 = 1/2 = 0.5 |
| (iii) 2 से बड़ी संख्या | {3, 4, 5, 6, 7, 8} | 6 | 6/8 = 3/4 = 0.75 |
| (iv) 9 से छोटी संख्या | {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8} | 8 | 8/8 = 1 |
| (v) 3 का गुणज | {3, 6} | 2 | 2/8 = 1/4 = 0.25 |
(ii) P(विषम) = 4/8 = 1/2
(iii) P(> 2) = 6/8 = 3/4
(iv) P(< 9) = 8/8 = 1
(v) P(3 का गुणज) = 2/8 = 1/4
टोकरी में आरंभ में 4 + 5 = 9 गेंदें हैं। पहली गेंद अलग रख दी जाती है, अतः दूसरी निकासी के लिए केवल 8 गेंदें बचती हैं — और कौन-सा रंग कम हुआ, यह पहली निकासी पर निर्भर है। वृक्ष का दूसरा चरण यही दर्ज करता है।
(i) पहले लाल, फिर नीली। उसी पथ पर गुणा कीजिए —
P(फिर नीली) = 5/8 (5 नीली शेष, कुल 8 गेंदें)
P(लाल फिर नीली) = 4/9 × 5/8 = 20/72
= 5/18 ≈ 0.278
(ii) दोनों नीली।
P(फिर नीली) = 4/8 (8 में से केवल 4 नीली शेष)
P(दोनों नीली) = 5/9 × 4/8 = 20/72
= 5/18 ≈ 0.278
| पथ | गणना | प्रायिकता |
|---|---|---|
| लाल, लाल | 4/9 × 3/8 = 12/72 | 1/6 |
| लाल, नीली | 4/9 × 5/8 = 20/72 | 5/18 |
| नीली, लाल | 5/9 × 4/8 = 20/72 | 5/18 |
| नीली, नीली | 5/9 × 4/8 = 20/72 | 5/18 |
| कुल | (12 + 20 + 20 + 20)/72 = 72/72 | 1 |
दो पासे फेंकने पर n(S) = 6 × 6 = 36 समप्रायिक परिणाम बनते हैं और संभावित योग 2 से 12 तक होते हैं।
प्रायिकता 0 वाली घटना — कोई भी ऐसी बात जो घट ही नहीं सकती —
a, b ≥ 1 वाला कोई युग्म (a, b) 1 नहीं देता, अतः n(E) = 0
P(E) = 0/36 = 0
अन्य सही उत्तर — 'योग 13 है', 'किसी पासे पर 7 आता है', 'दोनों पासों पर समान संख्या हो और योग विषम हो'।
प्रायिकता 1 वाली घटना — कोई भी ऐसी बात जो घटनी ही है —
छत्तीसों परिणाम इसे संतुष्ट करते हैं, अतः n(F) = 36
P(F) = 36/36 = 1
अन्य सही उत्तर — 'प्रत्येक पासा 1 से 6 तक की कोई पूर्ण संख्या दिखाता है', 'योग कम-से-कम 2 है'।
(i) दो पासे, योग 5 से बड़ी अभाज्य संख्या। प्रतिदर्श समष्टि सभी क्रमित युग्मों की है, n(S) = 6 × 6 = 36. संभावित योग 2 से 12 हैं; उनमें अभाज्य 2, 3, 5, 7, 11 हैं और 5 से बड़े 7 और 11 हैं।
योग 11 — (5,6), (6,5) → 2 परिणाम
n(E) = 6 + 2 = 8
P = 8/36 = 2/9 ≈ 0.222
(ii) 4 लाल, 3 हरी, 2 नीली में से दो गेंदें — भिन्न रंग। कुल 9 गेंदें; बिना प्रतिस्थापन दो निकालने पर
समान रंग — लाल 4C2 = 6, हरी 3C2 = 3, नीली 2C2 = 1
n(समान) = 6 + 3 + 1 = 10, अतः P(समान) = 10/36 = 5/18
P(भिन्न) = 1 − 5/18 = 13/18 ≈ 0.722
C के संकेत के बिना सीधे गिनिए — 4×3 (लाल-हरी) + 4×2 (लाल-नीली) + 3×2 (हरी-नीली) = 12 + 8 + 6 = 26 भिन्न-रंग युग्म, और 26/36 = 13/18 ✓
(iii) तीन सिक्के — पहला चित और कुल मिलाकर ठीक दो चित।
पहला H और ठीक दो चित — HHT, HTH → n(E) = 2
P = 2/8 = 1/4 = 0.25
ध्यान दीजिए कि THH में ठीक दो चित तो हैं, पर पहली शर्त पूरी नहीं होती, अतः वह नहीं गिना जाता।
(iv) 1, 2, 3, 4 से बिना पुनरावृत्ति बनी 4-अंकीय संख्याएँ — सम।
सम होने के लिए इकाई का अंक 2 या 4 होना चाहिए → 2 विकल्प
शेष तीन अंक 3! = 6 प्रकार से सजाए जा सकते हैं
n(E) = 2 × 6 = 12
P(सम) = 12/24 = 1/2 = 0.5
(v) 3 बहु-विकल्पीय प्रश्न, अनुमान से ठीक 2 सही। प्रत्येक प्रश्न के 4 विकल्प हैं, अतः
तीन में से कौन-से 2 प्रश्न सही हैं — 3 प्रकार से
प्रत्येक सही प्रश्न — 1 प्रकार; गलत प्रश्न — 3 गलत विकल्प
n(E) = 3 × 1 × 1 × 3 = 9
P(ठीक 2 सही) = 9/64 ≈ 0.141 अथवा लगभग 14%
(i) प्रतिस्थापन के साथ। गेंद वापस चली जाती है, अतः दूसरी निकासी में भी चारों अंक उपलब्ध हैं — 4 शाखाएँ, और प्रत्येक से आगे 4 शाखाएँ।
(3,1), (3,2), (3,3), (3,4), (4,1), (4,2), (4,3), (4,4)}
(ii) बिना प्रतिस्थापन के। पहली गेंद बाहर ही रहती है, अतः पहला अंक दोबारा नहीं आ सकता — चारों शाखाएँ आगे केवल 3-3 भागों में बँटती हैं।
(3,1), (3,2), (3,4), (4,1), (4,2), (4,3)}
(iii) आकार।
n(S2) = 4 × 3 = 12
अंतर = 4, अर्थात ठीक वे चार पुनरावृत्तियाँ (1,1), (2,2), (3,3), (4,4)
सिक्के से 2 परिणाम और पत्तों से 6 परिणाम मिलते हैं, और दोनों एक साथ होते हैं, अतः सिक्के के प्रत्येक परिणाम को हर पत्ते के साथ जोड़िए।
(T, 1), (T, 2), (T, 3), (T, 4), (T, 5), (T, 6)}
n(S) = 2 × 6 = 12
| सिक्का \ पत्ता | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| H | (H, 1) | (H, 2) | (H, 3) | (H, 4) | (H, 5) | (H, 6) |
| T | (T, 1) | (T, 2) | (T, 3) | (T, 4) | (T, 5) | (T, 6) |
प्रतिदर्श समष्टि (iv) {0, 1, 2, 3} है। तीन सिक्कों में चित की संख्या 0, 1, 2 या 3 हो सकती है — और कुछ नहीं।
| समुच्चय | वैध? | दोष क्या है |
|---|---|---|
| (i) {1, 2, 3} | नहीं | 0 छूट गया है। TTT प्रयोग का वास्तविक परिणाम है और उसके लिए कोई तत्त्व बचता ही नहीं। |
| (ii) {0, 1, 2} | नहीं | 3 छूट गया है। HHH घट सकता है, अतः सूची अपूर्ण है। |
| (iii) {0, 1, 2, 3, 4} | नहीं | इसमें 4 है, जो असंभव है — सिक्के केवल तीन हैं, अतः अधिक-से-अधिक तीन चित आ सकते हैं। |
| (iv) {0, 1, 2, 3} | हाँ | पूर्ण भी है और पुनरावृत्ति-रहित भी — तीन सिक्कों की हर उछाल इन्हीं चार में से ठीक एक गिनती देती है। |
चित्र 7.8 के अनुसार आयत 3 मी. × 2 मी. का है और वृत्त का व्यास 1 मी. है, अतः उसकी त्रिज्या 0.5 मी. है। यहाँ परिणाम बिंदु हैं, कोई गिनी जा सकने वाली सूची नहीं — इसलिए प्रायिकता क्षेत्रफल से मापी जाती है।
वृत्त की त्रिज्या = 1/2 = 0.5 मी.
वृत्त का क्षेत्रफल = πr² = π × (1/2)² = π/4 मी.²
P(बूँद वृत्त में गिरे) = वृत्त का क्षेत्रफल / आयत का क्षेत्रफल
= (π/4) ÷ 6
= π/24
≈ 3.1416/24 ≈ 0.131 अथवा लगभग 13.1%
π ≈ 22/7 लेने पर (22/7)/24 = 22/168 = 11/84 ≈ 0.131 — तीन दशमलव स्थानों तक वही उत्तर।