कक्षा ९ गणित अध्याय 7 संभावनाओं का गणित — प्रायिकता का परिचय के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-08
इस अध्याय के बारे में
प्रायिकता किसी घटना के घटित होने की संभावना का मापन है , जिसे 0 से 1 तक के पैमाने पर व्यक्त किया जाता है। किसी घटना E के लिए 0 ≤ P(E) ≤ 1. P(E) = 0 का अर्थ असंभव, P(E) = 1 का अर्थ निश्चित और P(E) = 1/2 का अर्थ समप्रायिक है। इस अंतराल के बाहर की कोई संख्या प्रायिकता नहीं हो सकती। यादृच्छिक प्रयोग वह है जिसकी पुनरावृत्ति की जा सके, जिसके सभी संभावित परिणाम पहले से ज्ञात हों, परंतु किसी एक परीक्षण का परिणाम पहले से ज्ञात न हो। सभी संभावित परिणामों का समुच्चय प्रतिदर्श समष्टि S है; उसका प्रत्येक तत्त्व एक परिणाम है; तत्त्वों की संख्या प्रतिदर्श आकार n(S) है। घटना , S का कोई भी उपसमुच्चय है — एक परिणाम, कई परिणाम अथवा एक भी नहीं। प्रायोगिक प्रायिकता = (घटना के घटित होने की संख्या) ÷ (परीक्षणों की कुल संख्या)। यह एक सापेक्षिक आवृत्ति है — यह आपके पास उपलब्ध आँकड़ों का वर्णन करती है, अतः भिन्न पर
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- प्रश्नावली 7.1
- सोचिए और विचार कीजिए
- प्रश्नावली 7.2
- सोचिए और विचार कीजिए
- प्रश्नावली 7.3
- सोचिए और विचार कीजिए
- प्रश्नावली 7.4
- अंतिम प्रश्नावली