कक्षा ९ गणित अध्याय 8 सोचिए और विचार कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
क्या आप ऊपर दिए गए अनुक्रमों में प्रत्येक अनुक्रम में प्रतिरूप की व्याख्या कर सकते हैं? क्या आप इन अनुक्रमों में अग्रिम कुछ संख्याओं का पूर्वानुमान लगा सकते हैं?
उत्तर

चारों अनुक्रमों की व्याख्या इस बात से होती है कि एक पद से अगले पद तक क्या होता है, और केवल यही बात आगे के सभी पद निर्धारित कर देती है।

अनुक्रमअंतरों का प्रतिरूपअगले तीन पदnवें पद का सूत्र
1, 2, 3, 4, 5, 6, …प्रत्येक बार 1 जुड़ता है7, 8, 9tn = n
1, 3, 5, 7, 9, 11, …प्रत्येक बार 2 जुड़ता है13, 15, 17tn = 2n – 1
1, 3, 6, 10, 15, 21, …अंतर 2, 3, 4, 5, 6 हैं — ये स्वयं 1-1 बढ़ते हैं28, 36, 45tn = n(n + 1)/2
1, 4, 9, 16, 25, 36, …अंतर 3, 5, 7, 9, 11 हैं — विषम संख्याएँ49, 64, 81tn = n2

अंतिम दो पंक्तियों की जाँच कीजिए: 21 + 7 = 28, 28 + 8 = 36, 36 + 9 = 45; तथा 36 + 13 = 49, 49 + 15 = 64, 64 + 17 = 81। अंतर स्वयं एक अनुक्रम बनाते हैं, और इसी से पूर्वानुमान संभव होता है।

ऐसा क्यों होता है: त्रिभुजाकार संख्याएँ 1, 2, 3, 4, … के क्रमिक योग हैं, अत: (n – 1)वें और nवें पद के बीच का अंतर ठीक n होता है। वर्ग संख्याएँ 1, 3, 5, 7, … के क्रमिक योग हैं, अत: वहाँ अंतर nवीं विषम संख्या 2n – 1 है। दोनों स्थितियों में आप अनुमान नहीं लगा रहे — आप उस संरचना को पढ़ रहे हैं, जो अनुक्रम में पहले से विद्यमान है।
स्वयं जाँचिए: 1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 6 + 7 = 28 तथा 1 + 3 + 5 + 7 + 9 + 11 + 13 = 49। क्रमिक योगों की ये दोनों सूचियाँ वास्तव में त्रिभुजाकार और वर्ग संख्याएँ ही देती हैं।
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