शारदा के पृष्ठ 167 से 176 तक फैला यह भाग परिशिष्ट है, पाठ नहीं। पाठ में कथा या श्लोक होते हैं और अन्त में ‘अभ्यासाद् जायते सिद्धिः’ के नीचे प्रश्न होते हैं। इस परिशिष्ट में एक भी प्रश्न नहीं है — न कोई क्रम-संख्या वाला प्रश्न, न रिक्त स्थान, न कोई खाली खाना। जो भी तालिका छपी है, उसमें समस्तपद और विग्रह — दोनों पहले से भरे हुए हैं।
इसमें क्रम से यह सब है —
| पृष्ठ | विषय |
|---|---|
| 167 | समास की परिभाषा · समास किन पदों में होता है · परस्पर अन्वय की शर्त · पूर्वपद-उत्तरपद |
| 168 | समास के बाद विभक्ति की प्रक्रिया (सीतापतिः) · विग्रहवाक्य · विग्रह के दो भेद — स्वपदविग्रह, अस्वपदविग्रह |
| 169 | मुख्यतया समास द्विविध — केवलसमास, विशेषसमास · विशेषसमास चतुर्धा · समासस्य निर्णयः · उदाहरण (१) और (२) |
| 170 | उदाहरण (३) और (४) · तत्पुरुष तथा द्वन्द्व की एक-पंक्ति परिभाषा |
| 171 | बहुव्रीहि तथा अव्ययीभाव की परिभाषा · विभक्तितत्पुरुषः षड्विधः तालिका · कर्मधारयसमासः नवधा तालिका (आरम्भ) |
| 172 | कर्मधारय तालिका (शेष) · द्विगुः समासः त्रिविध तालिका · नञ्-प्रभृतिः तत्पुरुषसमासः तालिका |
| 173 | द्वन्द्वसमासः — भेद-वृक्ष · इतरेतरद्वन्द्व तालिका · समाहारद्वन्द्व तालिका |
| 174 | बहुव्रीहिसमासः — भेद-वृक्ष · सामान्यबहुव्रीहि (षोढा) तालिका · विशेषबहुव्रीहि (नवधा) तालिका (आरम्भ) |
| 175 | विशेषबहुव्रीहि तालिका (शेष) · अव्ययीभावसमासः — परिभाषा तथा बीस भेदों की तालिका (आरम्भ) |
| 176 | अव्ययीभाव तालिका (शेष, भेद १२–२०) — यहीं परिशिष्ट समाप्त |