कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 1 जिज्ञासा-सूत्र के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
प्रकाश के वेग को ‘c’ से क्यों निरूपित किया जाता है?
उत्तर

क्योंकि c लैटिन शब्द सेलेरिटास (celeritas) से आया है, जिसका अर्थ है गति — यह किसी अंग्रेज़ी शब्द का पहला अक्षर नहीं है।

  • वैज्ञानिक प्रतीक प्रायः इतिहास और अंतर्राष्ट्रीय सहमतियों से आते हैं। ये सुविधा के लिए हर लेखक द्वारा बनाए गए संक्षिप्त रूप नहीं होते।
  • इसीलिए कई प्रतीक भाषा से मेल नहीं खाते — धारा के लिए I (फ़्रेंच intensité de courant से), आवेश के लिए q, लोहे के लिए Fe (लैटिन ferrum)।
  • वर्तमान में प्रकाश की गति एक निश्चित भौतिक स्थिरांक है। इसका मान ठीक 299792458 m/s परिभाषित किया गया है — मापा हुआ नहीं, परिभाषित।
ऐसा क्यों है: किसी प्रतीक का अर्थ केरल के विद्यार्थी, जापान के शोधकर्ता और ब्राज़ील में छपी पुस्तक — सबके लिए एक ही होना चाहिए। यदि हर कोई अपनी भाषा में संक्षेप बनाता तो समीकरण सीमाओं के पार पढ़े ही नहीं जा सकते। और एक बार प्रतीक पर अंतर्राष्ट्रीय सहमति बन जाए तो उसे बदलने पर पहले से लिखी हर पुस्तक और शोध-पत्र अर्थहीन हो जाएँगे — इसलिए ऐतिहासिक चयन आज भी चलता है।
क्या आप जानते हैं? चूँकि c अब एक परिभाषित संख्या है, इसलिए मीटर c पर निर्भर करता है, न कि c मीटर पर — एक मीटर वह दूरी है जो प्रकाश निर्वात में 1/299792458 सेकंड में तय करता है। अतः अब कोई प्रयोग c को और सटीक नहीं माप सकता; ऐसा कोई भी सुधार केवल मीटर को अधिक सटीक बनाता है।
प्र2.
किलोग्राम का उपयोग सभी मापन कार्यों में क्यों किया जाता है?
उत्तर

ताकि एक किलोग्राम का तात्पर्य प्रत्येक दुकान, प्रत्येक प्रयोगशाला और प्रत्येक देश में ठीक एक ही मात्रा हो

  • मापन स्थानीय वस्तुओं या व्यक्तिगत विचारों पर नहीं, अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित होते हैं।
  • मानक इकाइयों से वैज्ञानिक परिणामों की तुलना संभव होती है — जिस अभिक्रिया में 5 g पदार्थ चाहिए, वह दिल्ली और बर्लिन दोनों में वही 5 g है।
  • इससे दैनिक जीवन व व्यापार में निष्पक्षता भी सुनिश्चित होती है। एक किलोग्राम चावल या सब्ज़ी खरीदते समय आप हर विक्रेता से समान मात्रा की अपेक्षा करते हैं।
ऐसा क्यों है: मापन वास्तव में एक तुलना है — आप पूछ रहे होते हैं कि “यह मानक इसमें कितनी बार समाता है?” यदि दो व्यक्ति भिन्न मानक लें तो दोनों के पूरी सावधानी से लिए गए मान भी आपस में तुलनीय नहीं रहेंगे। SI पद्धति का उद्देश्य यही है कि प्रत्येक राशि का एक ही मानक तय हो, जिससे संख्या सूचना दे, भ्रम नहीं। इसी अध्याय वाले विमान का ईंधन इसी कारण समाप्त हुआ था — कर्मचारी दल ने घनत्व पाउंड प्रति लीटर में निकाला और उसे किलोग्राम प्रति लीटर मान लिया, जिससे आवश्यक 22,300 किलोग्राम ईंधन में से विमान लगभग 15,000 लीटर कम लेकर उड़ा।
क्या आप जानते हैं? वर्ष 2019 तक किलोग्राम की परिभाषा पेरिस के पास रखे एक धातु बेलन से होती थी — ठीक वैसी ही ‘स्थानीय वस्तु’ जिससे यह बॉक्स सावधान करता है — और उसका द्रव्यमान धीरे-धीरे घट रहा था। अब किलोग्राम प्रकृति के एक निश्चित स्थिरांक से परिभाषित है, अतः किसी देश को मानक सँभालकर रखने की आवश्यकता नहीं।
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