प्र1.
एक ऐसी स्थिति का वर्णन कीजिए जहाँ अनुमानित उत्तर ही पर्याप्त हो और एक ऐसी स्थिति भी जहाँ आपको बहुत सटीक मान की आवश्यकता हो।
उत्तर
निर्णय का नियम यह है — पूछिए कि उत्तर कितना बदलने पर आपका निर्णय बदल जाएगा। उतनी ही छूट आपकी आवश्यक सटीकता है, न अधिक न कम।
जहाँ अनुमानित उत्तर पर्याप्त है — विद्यालय की पिकनिक के लिए चावल खरीदना।
80 विद्यार्थी × लगभग 150 g पका चावल प्रति व्यक्ति ≈ 12 kg
15 kg की बोरी ले लीजिए — 2 kg इधर-उधर होने से कुछ नहीं बिगड़ता
15 kg की बोरी ले लीजिए — 2 kg इधर-उधर होने से कुछ नहीं बिगड़ता
यहाँ 15% की त्रुटि से थोड़ा-सा चावल अधिक आएगा, और कुछ नहीं। अनुमान लगाना आलस्य नहीं है; हर विद्यार्थी की भूख नापना निरर्थक परिश्रम होता।
जहाँ बहुत सटीक मान चाहिए — किसी बच्चे को दी जाने वाली औषधि की मात्रा।
पैरासिटामोल की मात्रा = 15 mg प्रति kg शरीर द्रव्यमान
20 kg के बच्चे के लिए: 15 mg kg⁻¹ × 20 kg = ठीक 300 mg
इससे दुगुनी मात्रा, बार-बार देने पर यकृत को हानि पहुँचाती है
20 kg के बच्चे के लिए: 15 mg kg⁻¹ × 20 kg = ठीक 300 mg
इससे दुगुनी मात्रा, बार-बार देने पर यकृत को हानि पहुँचाती है
यहाँ 100% की त्रुटि खतरनाक है, अतः बच्चे का द्रव्यमान और सिरप की सांद्रता — दोनों ठीक से मापने होंगे।
ऐसा क्यों है: सटीकता में समय, धन और उपकरण लगते हैं, इसलिए विज्ञान उसे केवल वहाँ खर्च करता है जहाँ वह परिणाम बदलती है। पिकनिक वाला निर्णय सहनशील है — अनेक उत्तर एक ही कार्य तक ले जाते हैं, एक बोरी खरीद लो। औषधि वाला निर्णय संवेदनशील है — संख्या में छोटा-सा परिवर्तन परिणाम को उपचार से हानि में बदल देता है। यही अंतर पूरे विज्ञान में चलता है: प्रयोग करने योग्य है या नहीं, यह तय करने के लिए अनुमान पर्याप्त है, परंतु उस प्रयोग से निकलने वाला अंतिम मापन उतना ही सटीक होना चाहिए जितना उपकरण अनुमति दे।
और उदाहरण: अनुमान पर्याप्त — विद्यालय भ्रमण के लिए कितनी बसें, दीवार के लिए कितना रंग, कोई पुल-अभिकल्प सही परास में है या नहीं। सटीक मान आवश्यक — सुनार के यहाँ तौला गया सोना, मशीन के पुर्ज़े का व्यास, अंतरिक्ष यान के इंजन के प्रज्वलन का समय।