प्र1.
अपने सिरे से स्लिंकी को अपने मित्र की ओर बलपूर्वक धकेलिए और उसे तुरंत वापस खींच लीजिए (चित्र 10.8)। क्या आप स्लिंकी में उत्पन्न किसी विक्षोभ (disturbance) का अवलोकन करते देखते हैं जो आपके मित्र की ओर बढ़ता है?
उत्तर
हाँ। एक ऐसा क्षेत्र जहाँ फेरे पास-पास सिमट गए हैं, स्लिंकी के अनुदिश आपके मित्र की ओर दौड़ता हुआ दिखाई देता है।
ऐसा क्यों होता है: आपके धक्के से पहले कुछ फेरे आपस में सिमट जाते हैं। प्रत्येक सिमटा फेरा अपने आगे वाले फेरे को दबाता है और फिर वापस लौट आता है, अतः यह सिमटाव फेरे-दर-फेरे आगे बढ़ता जाता है। स्लिंकी के अनुदिश जो गमन करता है वह निकटता का प्रतिरूप है, फेरे स्वयं नहीं — प्रत्येक फेरा थोड़ा आगे बढ़कर अपनी पूर्व स्थिति पर लौट आता है।
यह ध्वनि तरंग के एकल संपीडन का उत्तम प्रतिरूप है: स्रोत पर धक्का, संघट्टों द्वारा आगे बढ़ता सिमटाव, और माध्यम का कोई सामूहिक प्रवाह नहीं।