प्र1.
यदि कोई माध्यम (अर्थात कण) ही विद्यमान न हो तो क्या ध्वनि तरंगों का संचरण संभव है?
उत्तर
नहीं। किसी भौतिक माध्यम की अनुपस्थिति में ध्वनि तरंगें संचरित नहीं हो सकतीं।
ध्वनि तरंग स्वयं कणों के उच्च और निम्न घनत्व का प्रतिरूप है। यदि कण ही न हों तो घनत्व बढ़ाने-घटाने को कुछ नहीं, और विक्षोभ को टकराकर आगे बढ़ाने वाला भी कोई नहीं। इस प्रकार माध्यम की माँग करने वाली तरंगें यांत्रिक तरंगें कहलाती हैं, और ध्वनि उन्हीं में से एक है।
| यांत्रिक तरंग | अयांत्रिक तरंग | |
|---|---|---|
| माध्यम आवश्यक? | हाँ | नहीं |
| उदाहरण | ध्वनि; स्लिंकी की तरंगें; भूकंपीय तरंगें | प्रकाश |
| निर्वात पार कर सकती है? | नहीं | हाँ — इसीलिए सूर्य और तारों का प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचता है |
| प्रकार | ध्वनि अनुदैर्घ्य है; भूकंपीय तरंगें दोनों प्रकार की | प्रकाश अनुप्रस्थ है |
क्या आप जानते हैं? भूकंप पृथ्वी से होकर दोनों प्रकार की यांत्रिक तरंगें भेजते हैं। अनुदैर्घ्य भूकंपीय तरंगें सबसे तेज़ चलती हैं और भूकंप-लेखी पर सबसे पहले पहचानी जाती हैं, इसीलिए भूकंप की आरंभिक चेतावनी उन्हीं से मिलती है।