कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 10 सोचिए और बताइए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
दो ध्वनि तरंगों के लिए माध्यम का घनत्व परिवर्तन चित्र 10.17 (क) और (ख) में दर्शाया गया है। इस पर संपीडन और विरलन को C एवं R द्वारा अंकित कीजिए। चित्र 10.17 (ग) और (घ) में दिए गए आलेख में अक्षों को अंकित कीजिए और चित्र 10.17 (क) और (ख) के संगत वक्र खींचिए।
उत्तर

(क) और (ख) पर अंकन। जहाँ बिंदु पास-पास सिमटे हैं वहाँ घनत्व औसत से अधिक है — वहाँ C लिखिए। जहाँ बिंदु विरल हैं वहाँ घनत्व औसत से कम है — वहाँ R लिखिए। मुद्रित चित्र में इन क्षेत्रों के केंद्रों से होकर निर्देशक रेखाएँ खींची गई हैं।

  • (क) में सघन पट्टियाँ अविरल निर्देशक रेखाओं पर हैं, अतः C वहीं आएगा और R उनके बीच की बिंदुदार रेखाओं पर।
  • (ख) में प्रतिरूप आधे तरंगदैर्घ्य से खिसका हुआ है: अब सघन पट्टियाँ बिंदुदार रेखाओं पर हैं। अतः जो स्थान (क) में संपीडन है वही (ख) में विरलन है। दोनों पट्टियों का तरंगदैर्घ्य समान है।

(ग) और (घ) के अक्षों का अंकन। क्षैतिज अक्ष पर दूरी और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर घनत्व लिखिए, तथा माध्य घनत्व के लिए एक क्षैतिज बिंदुदार रेखा खींचिए।

वक्र खींचना। प्रत्येक C पर श्रृंग (अधिकतम घनत्व) और प्रत्येक R पर गर्त (न्यूनतम घनत्व) आएगा। अतः

  • (ग), जो (क) के संगत है: वक्र पहली अविरल निर्देशक रेखा पर माध्य घनत्व रेखा के ऊपर श्रृंग से आरंभ होता है।
  • (घ), जो (ख) के संगत है: वही वक्र आधे तरंगदैर्घ्य से खिसका हुआ — जहाँ (ग) में श्रृंग था वहाँ (घ) में गर्त होगा।
(क) / (ग) C R C R C R C घनत्व माध्य दूरी → (ख) / (घ) घनत्व R C R C
ऊपर: (क) का बिंदु-प्रतिरूप C और R के अंकन सहित तथा उसके नीचे संगत घनत्व–दूरी आलेख (ग) — प्रत्येक C पर श्रृंग, प्रत्येक R पर गर्त। नीचे: पट्टी (ख) के लिए आलेख (घ), वही तरंग आधे तरंगदैर्घ्य से खिसकी हुई।
बिंदुओं के चित्र से आलेख चिकनी तरंग जैसा क्यों बनता है: आलेख कणों को नहीं, किसी एक क्षण पर प्रत्येक दूरी पर माध्यम के घनत्व को आलेखित करता है। संपीडन के मध्य तक घनत्व चिकने ढंग से अधिकतम तक बढ़ता है और विरलन के मध्य तक चिकने ढंग से न्यूनतम तक घटता है, अतः आलेख माध्य घनत्व रेखा के इधर-उधर एक चिकनी वक्र बन जाता है।
संकेत: शब्दावली स्पष्ट रखिए — श्रृंग आलेख का उच्चतम बिंदु है (अधिकतम घनत्व, अर्थात संपीडन) और गर्त निम्नतम बिंदु (न्यूनतम घनत्व, अर्थात विरलन)। ध्वनि तरंग अनुदैर्घ्य ही रहती है, भले उसका आलेख लहरदार दिखे।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ