कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.7 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
‘सा’ की आवृत्ति के सापेक्ष प्रत्येक स्वर की आवृत्ति का अनुपात ज्ञात कीजिए और उनकी परस्पर तुलना कीजिए। क्या आपको कोई प्रतिरूप (pattern) दिखाई देता है।
उत्तर

हाँ — आवृत्तियाँ बराबर अंतराल पर नहीं बढ़तीं, परंतु 'सा' के सापेक्ष उनके अनुपात सरल भिन्न होते हैं, और ऊपर वाला 'सा' ठीक नीचे वाले 'सा' का दुगुना निकलता है।

स्वरप्रारूपी मापी गई आवृत्ति'सा' से अनुपातसरल भिन्न
सा240 Hz1.001
रे270 Hz1.139/8
गा300 Hz1.255/4
मा320 Hz1.334/3
पा360 Hz1.503/2
धा400 Hz1.675/3
नि450 Hz1.8815/8
सा (ऊपर वाला)480 Hz2.002
'पा' का अनुपात = 360 Hz ÷ 240 Hz = 1.5 = 3/2
ऊपर वाले 'सा' का अनुपात = 480 Hz ÷ 240 Hz = 2.0
प्रतिरूप: 'सा' से ऊपर वाले 'सा' तक आवृत्ति बढ़ती जाती है और प्रत्येक चरण एक सरल पूर्णांक अनुपात है। चूँकि ऊपर वाला 'सा' नीचे वाले का ठीक दुगुना है, दोनों सिरे मिलकर एक अष्टक (octave) बनाते हैं — ऐसे दो स्वरों का अंतराल जिनमें एक की मूल आवृत्ति दूसरे की दुगुनी हो (उदाहरण के लिए 200 Hz और 400 Hz)। इसीलिए दोनों 'सा' 'एक ही स्वर, ऊँचे पर' जैसे लगते हैं।
संकेत: आपके अपने मान इस तालिका से ठीक नहीं मिलेंगे, क्योंकि आप किस तारत्व से आरंभ करते हैं यह आपकी वाणी या ऐप्प की सेटिंग पर निर्भर है। जो अवश्य मिलना चाहिए वे हैं अनुपात, विशेषकर अष्टक का 2 : 1।
प्र2.
यदि अपनी वाणी और मोबाइल जनित स्वरों दोनों का उपयोग किया गया है तो समान स्वरों के लिए उनकी आवृत्तियों की तुलना कीजिए।
उत्तर

एक ही नाम के स्वर के लिए दोनों आवृत्तियाँ निकट तो होती हैं पर प्रायः बिल्कुल समान नहीं, और स्वरों के बीच के अनुपात फिर भी वही प्रतिरूप दिखाते हैं।

  • ऐप्प लगभग शुद्ध एकल आवृत्ति देता है, अतः स्पेक्ट्रम पर उसका शिखर स्थिर और तीक्ष्ण दिखता है।
  • आपकी वाणी मूल आवृत्ति के साथ अनेक अधिस्वरक देती है, अतः स्पेक्ट्रम पर एक प्रबल निम्न शिखर के साथ कई क्षीण उच्च शिखर दिखते हैं। तुलना मूल आवृत्ति से ही करनी चाहिए।
  • वाणी का पाठ्यांक कुछ हर्ट्ज़ इधर-उधर डोलता भी है क्योंकि स्वर को पूर्णतः स्थिर रखना कठिन है।
दोनों भिन्न होकर भी 'एक ही स्वर' कैसे: हमारा कान जिसे स्वर मानता है वह मुख्यतः मूल आवृत्ति से तय होता है। यदि आप 'सा' 245 Hz पर गाएँ और ऐप्प 240 Hz बजाए, तब भी स्वर पहचान में एक ही रहेगा और 'पा' आपके अपने 'सा' का लगभग 1.5 गुना ही रहेगा। जो भिन्न होता है वह है ध्वनिगुणता (timbre) — अधिस्वरकों का प्रतिरूप और तीव्रता — और यही कारण है कि बाँसुरी, एकतारा और मानव वाणी समान प्रबलता पर समान स्वर बजाने पर भी पूर्णतः भिन्न सुनाई देती हैं।
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