प्र1.
व्यापक विविध वनस्पतिजात (flora) और प्राणिजात (fauna) से समृद्ध वन किस प्रकार अवरोधक की भाँति कार्य करते हैं और आपदाओं के प्रभाव को कम करते हैं?
उत्तर
जैव विविधता से समृद्ध वन एक साथ तीन प्रकार के अवरोधक बनाते हैं — भौतिक, जैविक और रासायनिक। अध्याय हर एक का एक उदाहरण देता है।
| अवरोधक का प्रकार | अध्याय का उदाहरण | तंत्र |
|---|---|---|
| भौतिक | वर्ष 1999 का ओडिशा महाचक्रवात: जिन गाँवों में मैंग्रोव अधिक थे वहाँ उतना ही कम विनाश हुआ | मैंग्रोव की सघन जड़ें और तने पवन तथा तूफानी लहर का वेग तोड़ देते हैं, और तलछट को थामे रखते हैं जिससे तट कटता नहीं |
| जैविक | पश्चिमी घाट में मंकी ज्वर (क्यासानूर वन रोग, के.एफ.डी.): समृद्ध जैव विविधता से किलनी जनित रोगों का जोखिम सामान्यतः कम होता है | किलनी जिन अनेक जंतुओं का रक्त पीती है, उनमें से बहुत सारे ऐसे परपोषी हैं जिनके शरीर में विषाणु प्रतिकृति नहीं कर सकता। ऐसे परपोषी जितने अधिक होंगे, उतने अधिक दंश "व्यर्थ" जाएँगे और उतनी ही कम संक्रमित किलनियाँ मनुष्य तक पहुँचेंगी |
| रासायनिक | वन की मृदा और पादप मूल; मैंग्रोव मृदा | विविध सूक्ष्मजीव प्रदूषकों को अवशोषित, रूपांतरित अथवा विघटित कर देते हैं जिससे जल की गुणवत्ता सुधरती है; मैंग्रोव मृदा तलछट और भारी धातुओं को पाशित करके समुद्र और नदियों में प्रदूषण फैलने से रोकती है |
केवल वृक्षों का आवरण नहीं, विविधता ही क्यों: तीनों उदाहरणों में सुरक्षा इसलिए मिलती है क्योंकि अनेक प्रकार के जीव अतिव्यापी कार्य करते हैं। एक ही जाति का वृक्षारोपण कुछ हद तक पवन रोक देगा, परंतु उसमें एक ही प्रकार की जड़ संरचना, एक ही प्रकार के मृदा सूक्ष्मजीव और एक ही प्रकार के परपोषी होंगे। कोई पीड़क, रोग या लवण-लहर उस एक जाति को समाप्त कर दे तो पूरा अवरोधक एक साथ ढह जाता है। विविध वन चलता रहता है क्योंकि एक जाति के विफल होने पर दूसरी वही काम करती रहती है। इस गुण का एक नाम है — पारिस्थितिक बहुल्यता, और यही विविध तंत्र को स्थायित्व देता है।
आगे जोड़िए: इसी कारण अनुभाग 12.10 जैव विविधता के ह्रास को इतनी गंभीरता से लेता है। जातियों का लुप्त होना केवल सूची से नाम घटाना नहीं है — यह अवरोधक को पतला कर देता है, और यह क्षति तभी दिखाई देती है जब अगला चक्रवात या अगला प्रकोप आता है।