प्र1.
यदि प्रकाश संश्लेषण रुक जाए, तो पृथ्वी पर क्या होगा?
उत्तर
लगभग तत्काल दो आपूर्तियाँ ठप हो जाएँगी — भोजन और ऑक्सीजन — और समस्त जीव-जगत आहार शृंखला के आधार से ऊपर की ओर ढह जाएगा।
प्रकाश संश्लेषण: 6CO2 + 6H2O + सूर्य का प्रकाश → C6H12O6 + 6O2
इसे रोकने का अर्थ है एक साथ हटा देना —
• ग्लूकोस का एकमात्र बड़ा स्रोत, जो लगभग समस्त जीवन का भोजन है
• वायुमंडल में मुक्त O2 का एकमात्र बड़ा स्रोत
• वायु से CO2 हटाने की एकमात्र बड़ी प्रक्रिया
इसे रोकने का अर्थ है एक साथ हटा देना —
• ग्लूकोस का एकमात्र बड़ा स्रोत, जो लगभग समस्त जीवन का भोजन है
• वायुमंडल में मुक्त O2 का एकमात्र बड़ा स्रोत
• वायु से CO2 हटाने की एकमात्र बड़ी प्रक्रिया
घटनाओं का क्रम:
- उत्पादक सबसे पहले मरेंगे। हरे पादप, शैवाल और पादप प्लवक भोजन बनाने का कोई उपाय न पाकर कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाएँगे।
- शाकाहारी, फिर मांसाहारी भूखे मरेंगे। पुस्तक की प्रत्येक आहार शृंखला किसी उत्पादक से आरंभ होती है, इसलिए यह हानि पोषी स्तर दर पोषी स्तर ऊपर चढ़ती जाएगी।
- ऑक्सीजन घटेगी। जंतुओं और सूक्ष्मजीवों का श्वसन तथा ईंधनों का दहन O2 का उपयोग करते रहेंगे। उसे लौटाने वाला प्रकाश संश्लेषण न होने से वायुमंडल की 21 प्रतिशत ऑक्सीजन निरंतर घटती जाएगी। ऑक्सी-जीवन समाप्त हो जाएगा; केवल कुछ अवायवीय सूक्ष्मजीव बचेंगे।
- CO2 बढ़ती जाएगी। श्वसन, अपघटन और दहन CO2 छोड़ते रहेंगे और उसे अवशोषित करने वाला कोई नहीं होगा, इसलिए हरितगृह प्रभाव तीव्र होगा और पृथ्वी और गर्म होती जाएगी।
- कार्बन और ऑक्सीजन दोनों चक्र टूट जाएँगे। अध्याय ऑक्सीजन चक्र को उपभोग (श्वसन और दहन) तथा उत्पादन (प्रकाश संश्लेषण) के बीच के संतुलन के रूप में परिभाषित करता है। उत्पादन हटा दीजिए तो चक्र बचता ही नहीं, केवल एकतरफ़ा हानि रह जाती है।
क्या आप जानते हैं? यह कार्य अधिकांशतः वन नहीं करते। विश्व के प्रकाश संश्लेषण का बहुत बड़ा भाग महासागरों के सूक्ष्म पादप प्लवक करते हैं। इसीलिए महासागरीय अम्लीकरण और तापन, जो प्लवक के लिए खतरा हैं, स्थल पर आपकी साँस के लिए भी महत्त्व रखते हैं।