प्र1.
चर्चा कीजिए कि मानवीय गतिविधियाँ वायुमंडल में हरित गृह गैसों की मात्रा किस प्रकार बढ़ाती हैं? हरित गृह गैसों के बढ़ते उत्सर्जन को रोकने के लिए आप अपने स्तर पर क्या करेंगे?
उत्तर
मनुष्य हरितगृह गैसें दो तरह से बढ़ाता है — जो कार्बन कहीं बंद पड़ा था उसे मुक्त करके, और जो तंत्र उसे अवशोषित करते थे उन्हें नष्ट करके।
| मानवीय गतिविधि | कौन-सी गैस बढ़ती है | किस प्रकार |
|---|---|---|
| विद्युत, यातायात और उद्योग के लिए कोयला, तेल और गैस जलाना | CO2 | मंद कार्बन चक्र में लाखों वर्षों तक दबा रहा कार्बन कुछ सेकंड में वायु में लौटा दिया जाता है |
| वनोन्मूलन | CO2 | एक कार्बन अवशोषक हट जाता है, और वृक्षों के जलने या सड़ने से उनका संचित कार्बन भी मुक्त हो जाता है |
| धान के खेत, पशुधन, कूड़े के ढेर | CH4 | अवायवीय अपघटन से मीथेन बनती है, जो CO2 से कहीं प्रबल हरितगृह गैस है |
| नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग | नाइट्रोजन ऑक्साइड | मृदा की अतिरिक्त नाइट्रोजन को सूक्ष्मजीव नाइट्रोजन ऑक्साइडों में बदल देते हैं, जो वायु में निकल जाती हैं |
| सीमेंट, इस्पात और ईंट बनाना | CO2 | जलाया गया ईंधन और स्वयं रासायनिक अभिक्रिया, दोनों CO2 छोड़ते हैं |
चित्र 13.14 (कीलिंग वक्र) से प्रमाण:
वर्ष 1960 में CO2 ≈ 315 ppm वर्ष 2025 में CO2 ≈ 420 ppm
वृद्धि = 420 – 315 = 105 ppm
प्रतिशत वृद्धि = (105 ÷ 315) × 100 = 33% (पुस्तक इसे "लगभग 35 प्रतिशत" लिखती है)
दर ≈ 105 ppm ÷ 65 वर्ष ≈ 1.6 ppm प्रति वर्ष
वर्ष 1960 में CO2 ≈ 315 ppm वर्ष 2025 में CO2 ≈ 420 ppm
वृद्धि = 420 – 315 = 105 ppm
प्रतिशत वृद्धि = (105 ÷ 315) × 100 = 33% (पुस्तक इसे "लगभग 35 प्रतिशत" लिखती है)
दर ≈ 105 ppm ÷ 65 वर्ष ≈ 1.6 ppm प्रति वर्ष
एक व्यक्ति के प्रयास क्यों मायने रखते हैं: एक परिवार का उत्सर्जन छोटा है, परंतु कुल उत्सर्जन करोड़ों परिवारों के योग के अतिरिक्त और कुछ नहीं है। यही मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) का तर्क है — भारत द्वारा नेतृत्व की जाने वाली वह वैश्विक पहल जिसे 2021 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया और जिसका उद्देश्य लोगों को विवेकपूर्ण, पर्यावरण-हितैषी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
नमूना उत्तर — मैं व्यक्तिगत स्तर पर क्या करूँगा:
- विद्युत बचाऊँगा: कमरे से निकलते समय पंखे और बल्ब बंद करूँगा, LED बल्ब लगाऊँगा, वातानुकूलक 24 °C से नीचे नहीं रखूँगा। बचाई गई प्रत्येक यूनिट का अर्थ है बिजलीघर में न निकली CO2।
- यात्रा की आदत बदलूँगा: छोटी दूरी पैदल या साइकिल से, बस या मेट्रो का उपयोग, और विद्यालय के लिए साझा वाहन। यातायात का ईंधन जला हुआ कार्बन ही है।
- अपशिष्ट में कमी, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण: अध्याय स्वयं इसका उल्लेख करता है। कोई भी नई वस्तु बनाने में ऊर्जा लगती है; मरम्मत की हुई या दोबारा प्रयोग की गई वस्तु में लगभग कुछ नहीं।
- भोजन और जल की बर्बादी रोकूँगा: बर्बाद भोजन का अर्थ है बर्बाद उर्वरक, बर्बाद सिंचाई तथा पकाने और ढोने में बर्बाद ईंधन।
- वृक्ष लगाऊँगा और उनकी रक्षा करूँगा: बढ़ता हुआ वृक्ष प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायु से CO2 हटाकर उसका कार्बन काष्ठ में संचित करता है। भारत ने "अरबों वृक्षारोपण किए हैं"।
- नवीकरणीय ऊर्जा अपनाऊँगा: घर पर सौर जल-तापक या छत पर सौर पैनल सीधे जीवाश्म-ईंधन वाली विद्युत का स्थान ले लेता है।
संकेत: परीक्षा में उत्तर लिखते समय केवल कार्यों की सूची मत बनाइए — प्रत्येक के साथ कारण भी लिखिए कि वह उत्सर्जन कैसे घटाता है। "साइकिल चलाइए" एक आदत है; "साइकिल चलाइए, क्योंकि पेट्रोल जीवाश्म कार्बन है और उसे जलाने से वही CO2 वायु में लौट आती है जिसे मंद कार्बन चक्र ने लाखों वर्षों में हटाया था" — यह विज्ञान है।