कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.1 के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-08
प्र1.
निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करके कोशिका के वास्तविक आमाप का अनुमान लगाइए— प्याज की झिल्ली की कोशिका का अनुमानित आमाप = माइक्रोमीटर में दृश्य क्षेत्र का व्यास / व्यास के अनुदिश कोशिकाओं की संख्या
उत्तर
पुस्तक के ही प्रेक्षण लीजिए — दृश्य क्षेत्र का व्यास 5 mm और उस व्यास के अनुदिश गिनी गईं 25 कोशिकाएँ।
चरण 1 — व्यास को माइक्रोमीटर में बदलिए।
1 mm = 1000 µm
d = 5 mm = 5 × 1000 µm = 5000 µm
चरण 2 — सूत्र लगाइए।
एक कोशिका का अनुमानित आमाप = d ÷ n
= 5000 µm ÷ 25
= 200 µm = 0.2 mm
दृश्य क्षेत्र को मापनी की भाँति उपयोग किया जाता है — उसका ज्ञात वास्तविक व्यास उन कोशिकाओं में बाँट दिया जाता है जो उसमें समाती हैं।
ऐसा क्यों होता है: यह विधि इसलिए काम करती है क्योंकि कोशिकाएँ और दृश्य क्षेत्र दोनों ठीक उतना ही आवर्धित होते हैं। एक को दूसरे से भाग देने पर आवर्धन पूरी तरह कट जाता है, अतः आवर्धित प्रतिबिंब से प्राप्त उत्तर वास्तविक आमाप होता है। यही कारण है कि यह केवल अनुमान है — इसमें यह मान लिया जाता है कि कोशिकाएँ बिना अंतराल के सटी हुई हैं और 25 की गिनती ठीक है।
स्वयं जाँचिए: यदि 25 के स्थान पर 40 कोशिकाएँ आतीं तो प्रत्येक कोशिका 5000 µm ÷ 40 = 125 µm की होती। छोटी कोशिकाएँ, अधिक संख्या — दोनों राशियाँ व्युत्क्रमानुपाती हैं।
प्र2.
यदि प्याज की झिल्ली की एक कोशिका का अनुमानित आमाप 200 µm है तो प्रकाश सूक्ष्मदर्शी इस कोशिका को कितना आवर्धित करेगा?
उत्तर
कुल आवर्धन दोनों लेंसों के आवर्धनों का गुणनफल होता है।
कुल आवर्धन = नेत्रिका का आवर्धन × अभिदृश्यक का आवर्धन
= 10X × 10X
= 100X
दिखाई देने वाला आमाप = वास्तविक आमाप × आवर्धन
= 200 µm × 100
= 20000 µm = 20 mm = 2 cm
अर्थात जो कोशिका वास्तव में केवल 0.2 mm चौड़ी है, वह लगभग 2 cm चौड़ी दिखेगी — लगभग आपके अँगूठे के नाखून जितनी।
ऐसा क्यों होता है: अभिदृश्यक काय नली के भीतर एक वास्तविक आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है; फिर नेत्रिका उसी प्रतिबिंब को अपनी वस्तु मानकर पुनः आवर्धित करती है। दूसरा लेंस पहले के परिणाम पर कार्य करता है, इसलिए दोनों गुणनखंड जुड़ते नहीं, गुणा होते हैं। उसी नेत्रिका के साथ 40X अभिदृश्यक लगाने पर 10 × 40 = 400X मिलेगा और वही कोशिका 200 µm × 400 = 80000 µm = 8 cm चौड़ी दिखेगी।
सुझाव: अधिक आवर्धन सदा बेहतर नहीं होता। 400X पर दृश्य क्षेत्र बहुत छोटा और प्रतिबिंब मंद हो जाता है, अतः आप एक अत्यंत छोटे भाग का सूक्ष्म विवरण देखते हैं। प्रश्न के अनुसार अभिदृश्यक चुनिए।
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