कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 2 कोशिका — जीवन की निर्माण इकाई के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-08
इस अध्याय के बारे में
नग्न नेत्र 25 cm के निकट बिंदु से लगभग 0.1 mm तक ही विभेदन कर सकता है। अधिकांश पादप और जंतु कोशिकाएँ 10–100 µm की होती हैं, अतः प्रकाश सूक्ष्मदर्शी आवश्यक है (नेत्रिका 10X × अभिदृश्यक 10X = 100X ); इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी नैनोमीटर स्तर तक पहुँचता है। कोशिका झिल्ली 7 से 10 nm मोटी होती है और लिपिड की द्विपरत में प्रोटीन अंतःस्थापित होते हैं — यही तरल-मोजेक मॉडल है। यह वरणात्मक रूप से पारगम्य है — जल आर-पार जाता है, घुले हुए नमक और चीनी के अणु नहीं। विसरण उच्च से निम्न सांद्रता की ओर कणों की शुद्ध गति है, झिल्ली के बिना भी। परासरण वरणात्मक रूप से पारगम्य झिल्ली के पार केवल जल का विसरण है — इसी कारण आलू का टुकड़ा साधारण जल में भारी और 20 प्रतिशत नमक के घोल में हल्का हो जाता है। पादप, कवक और जीवाणु कोशिकाओं में झिल्ली के बाहर सेल्युलोस की दृढ़ किंतु पारगम्य कोशिका भित्ति होती है। यही पादप कोशि
अभ्यास
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- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 2.3
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- क्रियाकलाप 2.4
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
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