प्र1.
कोशिका कहाँ से आती है?
उत्तर
प्रत्येक कोशिका किसी पहले से विद्यमान कोशिका के विभाजन से बनती है — निर्जीव पदार्थ से कभी नहीं। यही कोशिका सिद्धांत का तीसरा कथन है जिसे 1855 में रुडोल्फ विरचो ने जोड़ा।
पूर्वविद्यमान कोशिका → वृद्धि → विभाजन → नई कोशिकाएँ
समसूत्री विभाजन: 1 जनक कोशिका → 2 समान संतति कोशिकाएँ
अर्धसूत्री विभाजन: 1 जनक कोशिका → 4 कोशिकाएँ, गुणसूत्रों की आधी संख्या के साथ
समसूत्री विभाजन: 1 जनक कोशिका → 2 समान संतति कोशिकाएँ
अर्धसूत्री विभाजन: 1 जनक कोशिका → 4 कोशिकाएँ, गुणसूत्रों की आधी संख्या के साथ
ऐसा क्यों होता है: कोशिका केवल रसायनों की थैली नहीं है। इसमें कार्यशील झिल्ली, कोशिकाद्रव्य, राइबोसोम और सबसे बढ़कर डीएनए के पूरे अनुदेश चाहिए, और ये सब बने-बनाए तथा सही क्रम में केवल किसी अन्य जीवित कोशिका के भीतर ही मिलते हैं। अध्याय का अपना उदाहरण यही सिद्ध करता है — वर्ष 2010 में जे. क्रेग वेंटर के दल ने माइकोप्लाज्मा माइकोइड्स का संश्लिष्ट डीएनए बनाया, फिर भी उसे एक विद्यमान जीवाणु कोशिका में ही डालना पड़ा जिसका कोशिकाद्रव्य और झिल्ली अक्षुण्ण थे। केवल डीएनए संश्लिष्ट था।
क्या आप जानते हैं? आपका अपना शरीर एक निषेचित अंडाणु से आरंभ हुआ था। आज आपके शरीर की लगभग 30 खरब कोशिकाएँ उसी एक कोशिका से विभाजनों की अटूट श्रृंखला द्वारा बनी हैं।