क्योंकि प्रत्येक जैव प्रक्रम अंततः कोशिका के भीतर ही होता है, और किसी बड़े शरीर की कोई एक कोशिका सभी प्रक्रम एक साथ नहीं कर सकती।
अमीबा जैसे एककोशिकीय जीव में एक ही कोशिका पोषण, श्वसन, उत्सर्जन और गति — सब कुछ करती है। बहुकोशिकीय शरीर में यह संभव नहीं, अतः समान कोशिकाएँ ऊतक बनाकर एक ही कार्य सँभाल लेती हैं। ऊतकों का अध्ययन हमें बताता है कि प्रत्येक जैव प्रक्रम कहाँ होता है और उस कार्य के लिए वही संरचना क्यों उपयुक्त है —
- पेशीय ऊतक → गति, क्योंकि इसकी कोशिकाएँ लंबे तंतु हैं जो संकुचित हो सकते हैं।
- तंत्रिका ऊतक → नियंत्रण और समन्वय, क्योंकि न्यूरॉन का लंबा तंत्रिकाक्ष संदेश को दूर तक ले जाता है।
- जाइलम → जल परिवहन, क्योंकि इसकी कोशिकाएँ मृत और खोखली नलिकाएँ हैं जिनमें प्रवाह रोकने वाली कोई भित्ति नहीं।
- फ्लोएम → भोजन परिवहन, क्योंकि इसकी चालनी नलिकाएँ सजीव हैं और सहचर कोशिकाएँ उनमें शर्करा का भारण-अभारण करती हैं।