कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 3 सोचिए और बताइए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
नीचे दिया गया चित्र (चित्र 3.17) देखिए। भारत के शास्त्रीय और लोक नृत्यों की विभिन्न मुद्राओं का ध्यानपूर्वक अवलोकन कीजिए। क्या आप पहचान सकते हैं कि इन मुद्राओं में कौन-सी संधियाँ सम्मिलित हैं? साथ ही प्रत्येक संधि से किस प्रकार की गति संभव होती है?
उत्तर

चित्र 3.17 में शरीर की लगभग हर संधि कहीं-न-कहीं दिखाई देती है। प्रत्येक नर्तक क्या कर रहा है, यह देखिए और संधि को उसकी गति से पहचानिए, मुद्रा के नाम से नहीं।

मुद्राओं में जो दिखता हैसम्मिलित संधिप्रकारसंभव गति
भुजाएँ सिर के ऊपर उठी हुई, बगल में फैली हुई, गोलाकार घूमती हुईकंधाकंदुक-खल्लिकापूरी भुजा की अग्र, पश्च, पार्श्व और गोलाकार गति
एक टाँग बगल में उठी और बाहर फैली हुई (पहली और दूसरी मुद्रा में)कूल्हाकंदुक-खल्लिकाजंघा की सभी दिशाओं में मुक्त गति
कंधे के पास मुद्रा बनाने के लिए तीव्रता से मुड़ी कोहनीकोहनीकोरअग्रबाहु का एक ही तल में मुड़ना और सीधा होना
गहरी अरैमंडी मुद्रा, मुड़े घुटने पर शरीर का भारघुटनाकोरटाँग का मुड़ना और सीधा होना; जानुफलक संधि की रक्षा करता है
पंजों के बल खड़े होना, अँगुलियाँ नीचे की ओर, एड़ी का थाप देनाटखना और पैर की अँगुलियों की संधियाँकोरपैर की ऊपर-नीचे गति; एड़ी की कंडरा वह खिंचाव पहुँचाती है
सिर का दाएँ-बाएँ घूमना, शास्त्रीय ग्रीवा-भेदमेरुदंड पर खोपड़ीधुराग्रसिर का घूर्णन, दरवाजे के हैंडल की तरह
अँगुलियों की सूक्ष्म हस्त-मुद्राएँअँगुलियों की संधियाँकोरप्रत्येक पोर का मुड़ना; पेशियाँ अग्रबाहु में हैं और लंबी कंडराओं से खींचती हैं
प्रत्येक छलाँग में भी खोपड़ी अपना आकार बनाए रखती हैखोपड़ी की अस्थियाँअचलकोई गति नहीं — मस्तिष्क, आँखें और कान सुरक्षित रहते हैं
शास्त्रीय नृत्य इतना अच्छा उदाहरण क्यों है: नृत्य की मुद्रा संधि को उसके परिसर की चरम सीमा पर रोकती है, अतः संधि के आकार से लगी सीमा स्पष्ट दिखाई देने लगती है। भुजा सीधी सिर के ऊपर उठ सकती है — कंदुक-खल्लिका संधि इसकी अनुमति देती है। घुटना कितनी भी मुद्रा में पीछे की ओर नहीं मुड़ सकता — कोर संधि इसका निषेध करती है। और यह सब तभी संभव है जब पेशियाँ कंडराओं द्वारा अस्थियों को खींचें और स्नायु अस्थियों को उनके स्थान पर बाँधे रखें।
यह कीजिए: इनमें से किसी एक मुद्रा में खड़े होकर, बिना हिले, उन संधियों की सूची बनाइए जिन्हें आपने मोड़ रखा है। फिर वही मुद्रा घुटने बिल्कुल सीधे रखकर बनाने का प्रयास कीजिए — आप संतुलन नहीं बना पाएँगे, क्योंकि टखने और घुटने के छोटे-छोटे समायोजन ही आपको सीधा खड़ा रखते हैं।
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