प्र1.
ऐसे सरल तकनीकी आविष्कारों के विषय में और जानकारी प्राप्त करें जो सुदूर क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुलभ बनाएँ।
उत्तर
पेपरफ्यूज ऐसे मितव्ययी चिकित्सा उपकरणों के पूरे परिवार का एक सदस्य है: ये रोजमर्रा की वस्तुओं से बनते हैं, इन्हें विद्युत की आवश्यकता नहीं होती, लागत बहुत कम होती है, और इन्हें ऐसे गाँव तक ले जाया जा सकता है जहाँ न प्रयोगशाला हो, न विश्वसनीय बिजली।
| उपकरण | यह कैसे कार्य करता है | यह क्या संभव बनाता है |
|---|---|---|
| पेपरफ्यूज | बटन-चरखी की भाँति ऐंठे हुए धागों पर लगी गत्ते की चकती; तीव्र चक्रण से रक्त का अपकेंद्रण | विद्युत के बिना मलेरिया और ऐनीमिया की जाँच |
| फोल्डस्कोप | कागज की शीट को मोड़कर बनाया गया सूक्ष्मदर्शी जिसमें एक नन्हा काँच का लेंस लगा होता है | क्षेत्र में ही सूक्ष्मजीव और रक्त कणिकाएँ देखना, वह भी बहुत कम लागत पर |
| कागज-पट्टी जाँच | रक्त अथवा मूत्र की एक बूँद केशिका क्रिया से उपचारित कागज पर चलकर रंग बदल देती है | गर्भावस्था, मलेरिया, मधुमेह और संक्रमण की तत्काल जाँच |
| सौर-ऊर्जा चालित टीका-वाहक | छोटे सौर पैनल से ठंडा रखा जाने वाला ऊष्मारोधी बक्सा | बिजली रहित गाँवों तक टीके ठंडे पहुँचाना |
| जयपुर फुट | स्थानीय सामग्री से हाथ से बनाया गया रबर और लकड़ी का कृत्रिम पैर | पैर गँवा चुके व्यक्तियों के लिए सुलभ गतिशीलता |
पेपरफ्यूज क्यों कार्य करता है: प्रयोगशाला का अपकेंद्रित्र केवल एक ही काम करता है — नलिका को इतनी तेज घुमाना कि रक्त के प्रत्येक घटक पर बाहर की ओर लगने वाला बल उसके भार से कहीं अधिक हो जाए, जिससे भारी लाल कणिकाएँ बाहर की ओर चली जाएँ और हल्का प्लाज्मा अक्ष के पास रह जाए। इस विचार में मोटर कहीं आवश्यक नहीं है। ऐंठे हुए धागों से घुमाई गई चकती कई हजार चक्कर प्रति मिनट तक पहुँच सकती है, जो कुछ ही मिनटों में वही पृथक्करण कर देती है। भौतिकी वही है; केवल लागत हटा दी गई है।
यह कीजिए: क्रियाकलाप 5.8 का बटन-और-धागे वाला चक्र बनाइए और देखिए कि केवल धागों को खींचकर और ढीला करके किसी चकती को कितनी तीव्र गति तक पहुँचाया जा सकता है।