कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 5 मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-08

इस अध्याय के बारे में

मिश्रण या तो समांगी होता है (सर्वत्र एकसमान — विलयन) या विषमांगी (एकरूप नहीं — जल में रेत, धुआँ, कोहरा)। कणों का आकार यह तय करता है: 1 nm से कम पर विलयन, 1 – 1000 nm पर कोलॉइड और 1000 nm से अधिक पर निलंबन। सांद्रता बताती है कि विलेय कितनी मात्रा में उपस्थित है। तीन प्रतिशत रूप प्रयुक्त होते हैं — % m/m = (विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का द्रव्यमान) × 100, % m/v = (विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का आयतन) × 100 तथा % v/v = (विलेय का आयतन ÷ विलयन का आयतन) × 100। विलेयता वह अधिकतम मात्रा है जो किसी निश्चित तापमान पर 100 g (अथवा 100 mL) विलायक में घुलती है। अधिकांश ठोसों की विलेयता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है, जबकि द्रवों में घुली गैसों की घटती है। इसी कारण गर्म संतृप्त विलयन को ठंडा करने पर अतिरिक्त विलेय क्रिस्टलों के रूप में पृथक हो जाता है। समांगी मिश्रणों को क्रिस्टलीकरण (संतृप्त विलयन से शुद्ध ठोस)

  1. चिंतन कीजिए
  2. पाठ्य प्रश्न
  3. क्रियाकलाप 5.1
  4. पाठ्य प्रश्न
  5. सोचिए और बताइए
  6. क्रियाकलाप 5.2
  7. पाठ्य प्रश्न
  8. क्रियाकलाप 5.3
  9. वैज्ञानिक की भाँति सोचिए
  10. सोचिए और बताइए
  11. क्रियाकलाप 5.4
  12. आइए, और आगे विचार करें
  13. पाठ्य प्रश्न
  14. क्रियाकलाप 5.5
  15. पाठ्य प्रश्न
  16. सोचिए और बताइए
  17. क्रियाकलाप 5.6
  18. क्या होगा यदि…
  19. पाठ्य प्रश्न
  20. क्रियाकलाप 5.7
  21. सोचिए और बताइए
  22. पाठ्य प्रश्न
  23. पाठ्य प्रश्न
  24. जिज्ञासा-सूत्र
  25. विज्ञान एवं समाज
  26. क्रियाकलाप 5.8
  27. पाठ्य प्रश्न
  28. विज्ञान एवं समाज
  29. पाठ्य प्रश्न
  30. पाठ्य प्रश्न
  31. सोचिए और बताइए
  32. क्रियाकलाप 5.9
  33. पाठ्य प्रश्न
  34. अभ्यास प्रश्न
  35. परियोजना कार्य
  36. खोज जारी है…
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