प्र1.
क्या रबड़ बैंड से संपर्क छूटने के पश्चात सिक्कों के ढेर का वेग धीरे-धीरे कम होता जाता है और कुछ दूरी तय करने के पश्चात वह रुक जाता है?
उत्तर
हाँ। ढेर क्रमशः धीमा होता जाता है और C से कुछ दूरी तय करके रुक जाता है।
रबड़ बैंड के संपर्क में रहते हुए: बैंड का बल > घर्षण बल → परिणामी बल आगे → ढेर त्वरित
संपर्क छूटने के बाद: केवल घर्षण बल, पीछे की ओर → परिणामी बल पीछे → ढेर मंदित
वेग अपने अधिकतम मान से घटकर 0 m s–1 हो जाता है और ढेर रुक जाता है
संपर्क छूटने के बाद: केवल घर्षण बल, पीछे की ओर → परिणामी बल पीछे → ढेर मंदित
वेग अपने अधिकतम मान से घटकर 0 m s–1 हो जाता है और ढेर रुक जाता है
ऐसा क्यों होता है: तानित रबड़ बैंड सिक्कों को आगे की ओर धक्का देता है और उनका वेग शून्य से बढ़ाकर किसी मान तक ले जाता है। जिस क्षण बैंड का संपर्क छूटता है, वह धक्का समाप्त हो जाता है परंतु सिक्कों और मेज के बीच का घर्षण बल समाप्त नहीं होता। घर्षण बल गति की विपरीत दिशा में लगता है, अब यही एकमात्र (अतः परिणामी) क्षैतिज बल है और यह वेग को घटाकर शून्य कर देता है।