प्र1.
आइए, मापे गए समय के मानों का उपयोग करके कुछ विश्लेषण करें।
उत्तर
दोनों प्रयासों में गाड़ी विरामावस्था से चलती है और समान दूरी s तय करती है, अतः केवल दो समय-मानों से ही त्वरणों का अनुपात मिल जाता है।
गति का समीकरण, u = 0: s = ut + ½at2 = ½at2
प्रयास 1 (बल F): s = ½ a1T12
प्रयास 2 (बल 2F): s = ½ a2T22
दोनों में दूरी समान है, अतः
½ a1T12 = ½ a2T22
a2 ÷ a1 = T12 ÷ T22
प्रयास 1 (बल F): s = ½ a1T12
प्रयास 2 (बल 2F): s = ½ a2T22
दोनों में दूरी समान है, अतः
½ a1T12 = ½ a2T22
a2 ÷ a1 = T12 ÷ T22
मान क्या दर्शाते हैं: गिलास में दोगुना भार होने पर गाड़ी पाइप तक जल्दी पहुँचती है, अतः T2 < T1, जिससे T12/T22 एक से बड़ा हो जाता है और इसलिए a2 > a1।
उदाहरण: मान लीजिए T1 = 1.4 s और T2 = 1.0 s
a2 ÷ a1 = (1.4 s)2 ÷ (1.0 s)2 = 1.96 s2 ÷ 1.00 s2 ≈ 2
बल दोगुना करने से त्वरण लगभग दोगुना हो जाता है
a2 ÷ a1 = (1.4 s)2 ÷ (1.0 s)2 = 1.96 s2 ÷ 1.00 s2 ≈ 2
बल दोगुना करने से त्वरण लगभग दोगुना हो जाता है
निष्कर्ष: नियत द्रव्यमान वाली वस्तु का त्वरण उस पर लगाए गए परिणामी बल के बढ़ने के साथ बढ़ता है — त्वरण परिणामी बल के समानुपाती होता है। ध्यान दीजिए कि आपको त्वरण मापना ही नहीं पड़ा; नियत दूरी और u = 0 ने सारा काम केवल समय मापन से करा दिया।
संकेत: व्यवहार में वृद्धि ठीक दो गुनी से थोड़ी कम मिलती है। मापन त्रुटि के अतिरिक्त गाड़ी के पहियों और सतह के बीच का घर्षण लगाए गए बल का कुछ भाग खा जाता है।