प्र1.
NH₃ (अमोनिया) और MgCl₂ (मैग्नीशियम क्लोराइड) में नाइट्रोजन और मैग्नीशियम की संयोजन क्षमताएँ क्रमशः क्या होंगी?
उत्तर
नाइट्रोजन: 3। मैग्नीशियम: 2।
नियम: किसी तत्व की संयोजन क्षमता हाइड्रोजन अथवा क्लोरीन के उन परमाणुओं की संख्या है जो उसके एक परमाणु के साथ संयोजित होते हैं — क्योंकि हाइड्रोजन और क्लोरीन दोनों की संयोजन क्षमता एक है।
NH3 में: N का एक परमाणु 3 H परमाणुओं से संयोजित होता है
⇒ नाइट्रोजन की संयोजन क्षमता = 3
MgCl2 में: Mg का एक परमाणु 2 Cl परमाणुओं से संयोजित होता है
⇒ मैग्नीशियम की संयोजन क्षमता = 2
⇒ नाइट्रोजन की संयोजन क्षमता = 3
MgCl2 में: Mg का एक परमाणु 2 Cl परमाणुओं से संयोजित होता है
⇒ मैग्नीशियम की संयोजन क्षमता = 2
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से मिलान — दोनों विधियों का उत्तर एक ही आना चाहिए:
| तत्व | विन्यास | संयोजकता इलेक्ट्रॉन | अष्टक पूर्ण करने के लिए | संयोजकता |
|---|---|---|---|---|
| नाइट्रोजन (Z = 7) | 2, 5 | 5 | 3 और चाहिए | 3 ✓ |
| मैग्नीशियम (Z = 12) | 2, 8, 2 | 2 | बाह्यतम 2 इलेक्ट्रॉन त्यागता है | 2 ✓ |
ऐसा क्यों होता है: किसी यौगिक का सूत्र मनमाना नहीं होता — वह इस बात से तय होता है कि स्थायी अष्टक तक पहुँचने के लिए प्रत्येक परमाणु को कितने इलेक्ट्रॉन ग्रहण, त्याग अथवा साझा करने हैं। नाइट्रोजन में 8 से 3 इलेक्ट्रॉन कम हैं, अतः वह तीन हाइड्रोजन परमाणुओं से साझेदारी करता है। मैग्नीशियम के पास स्थायी कोश से 2 इलेक्ट्रॉन अधिक हैं, अतः वह एक-एक इलेक्ट्रॉन दो क्लोरीन परमाणुओं को दे देता है, जिनमें से प्रत्येक को एक की कमी थी।