सही विकल्प है (ii) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
अभिकथन सत्य है। स्वर्ण पर्णिका प्रयोग से रदरफोर्ड ने निष्कर्ष निकाला कि परमाणु का संपूर्ण धनावेश एवं अधिकांश द्रव्यमान केंद्र के एक अति सूक्ष्म भाग, नाभिक, में स्थित है। प्रमाण यह है कि तीव्र α-कण को बड़े कोण पर केवल कोई भारी, संकेंद्रित लक्ष्य ही मोड़ सकता है।
कारण भी सत्य है। यह टॉमसन के प्लम पुडिंग मॉडल का सही कथन है — एकसमान धनावेशित गोले में धँसे इलेक्ट्रॉन।
परंतु कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता। कारण केवल यह बताता है कि पहले वाला मॉडल क्या कहता था। टॉमसन का मॉडल नाभिक तक नहीं ले जाता — वह उसका खंडन करता है। अभिकथन की वास्तविक व्याख्या अवलोकन है: अधिकांश α-कण सीधे निकल गए (अतः परमाणु अधिकांशतः रिक्त है) जबकि कुछ बड़े कोणों पर विक्षेपित हुए अथवा लौट आए (अतः द्रव्यमान एवं आवेश संकेंद्रित हैं)।