कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 8 सोचिए और बताइए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
नीचे दिए गए अभिकथन एवं कारण को पढ़िए और उनके संबंध में आगे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए। अभिकथन— रदरफोर्ड ने निष्कर्ष निकाला कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान उसके केंद्र में एक छोटे से भाग में केंद्रित होता है जिसे नाभिक कहते हैं। कारण— टॉमसन मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रॉन एकसमान रूप से वितरित धनावेश वाले गोले में धँसे हुए रहते हैं। (i) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है। (ii) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है। (iii) अभिकथन सत्य है परंतु कारण असत्य है। (iv) अभिकथन असत्य है परंतु कारण सत्य है।
उत्तर

सही विकल्प है (ii) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।

अभिकथन सत्य है। स्वर्ण पर्णिका प्रयोग से रदरफोर्ड ने निष्कर्ष निकाला कि परमाणु का संपूर्ण धनावेश एवं अधिकांश द्रव्यमान केंद्र के एक अति सूक्ष्म भाग, नाभिक, में स्थित है। प्रमाण यह है कि तीव्र α-कण को बड़े कोण पर केवल कोई भारी, संकेंद्रित लक्ष्य ही मोड़ सकता है।

कारण भी सत्य है। यह टॉमसन के प्लम पुडिंग मॉडल का सही कथन है — एकसमान धनावेशित गोले में धँसे इलेक्ट्रॉन।

परंतु कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता। कारण केवल यह बताता है कि पहले वाला मॉडल क्या कहता था। टॉमसन का मॉडल नाभिक तक नहीं ले जाता — वह उसका खंडन करता है। अभिकथन की वास्तविक व्याख्या अवलोकन है: अधिकांश α-कण सीधे निकल गए (अतः परमाणु अधिकांशतः रिक्त है) जबकि कुछ बड़े कोणों पर विक्षेपित हुए अथवा लौट आए (अतः द्रव्यमान एवं आवेश संकेंद्रित हैं)।

ऐसा क्यों होता है: अभिकथन–कारण प्रश्नों में तीन बातें क्रम से जाँचिए — क्या अभिकथन सत्य है, क्या कारण सत्य है, और क्या कारण अभिकथन का हेतु है? एक ही विषय पर दो सत्य कथन स्वतः व्याख्या नहीं बन जाते। यहाँ कारण वह मॉडल है जिसे प्रमाणों ने उलट दिया, न कि वह हेतु जिससे प्रमाण नाभिक की ओर संकेत करते हैं।
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