कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 9 क्रियाकलाप 9.4 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
(चरण 9) उन यौगिकों का समूह बनाइए जो तालिका 9.2 में सूचीबद्ध यौगिकों के समान गुणधर्म दर्शाते हैं।
उत्तर

तालिका 9.2 में आपको ये प्रेक्षण अभिलेखित करने चाहिए।

यौगिकविलेयताविद्युत चालकता
जल मेंकिरोसिन मेंपेट्रोल मेंठोस अवस्था मेंजल में
कर्पूरअघुलनशीलघुलनशीलघुलनशीलनहींनहीं
सोडियम क्लोराइडघुलनशीलअघुलनशीलअघुलनशीलनहींहाँ
कॉपर सल्फेटघुलनशीलअघुलनशीलअघुलनशीलनहींहाँ
चीनीघुलनशीलअघुलनशीलअघुलनशीलनहींनहीं
नैफ्थलीनअघुलनशीलघुलनशीलघुलनशीलनहींनहीं

ये यौगिक तीन समूहों में बँटते हैं।

  • समूह 1 — आयनिक यौगिक : सोडियम क्लोराइड एवं कॉपर सल्फेट। जल में घुलनशील, किरोसिन एवं पेट्रोल में अघुलनशील; ठोस अवस्था में चालन नहीं करते परंतु जल में चालन करते हैं। दोनों के गलनांक भी उच्च हैं।
  • समूह 2 — जल में अघुलनशील सहसंयोजी यौगिक : कर्पूर एवं नैफ्थलीन। ये किरोसिन और पेट्रोल में घुलते हैं और कभी चालन नहीं करते। दोनों के गलनांक निम्न हैं और गंध तीव्र — ये सरलता से ऊर्ध्वपातित होते हैं।
  • समूह 3 — जल में घुलनशील सहसंयोजी यौगिक : चीनी। यह विलेयता के स्तंभ में समूह 1 जैसा और चालकता के स्तंभ में समूह 2 जैसा व्यवहार करती है — घुलती है परंतु आयन नहीं देती।
ऐसा क्यों होता है: प्रत्येक प्रविष्टि के पीछे का नियम है ‘समान, समान को घोलता है’। जल के अणु ध्रुवीय होते हैं — उनके सिरों पर अल्प आवेश होता है — अतः वे आयनिक जालक के आवेशित आयनों को घेरकर अलग कर सकते हैं। किरोसिन और पेट्रोल अध्रुवीय हैं, अतः आयनों पर उनकी कोई पकड़ नहीं, परंतु कर्पूर और नैफ्थलीन जैसे अध्रुवीय अणुओं के साथ वे सरलता से मिल जाते हैं। चीनी विशेष स्थिति है : वह सहसंयोजी है, परंतु उसमें अनेक —OH समूह हैं जिन्हें जल पकड़ सकता है, इसलिए वह घुल जाती है — पूरे उदासीन अणुओं के रूप में, और इसीलिए बल्ब नहीं जलता।
सुरक्षा प्रथम: पेट्रोल और किरोसिन अत्यधिक ज्वलनशील हैं, अतः इन्हें ज्वाला से दूर रखिए और हवादार स्थान पर कार्य कीजिए। बैटरी जुड़ी होने पर इलेक्ट्रोडों को स्पर्श न कीजिए और केवल निम्न-वोल्टता की बैटरी का ही उपयोग कीजिए।
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