कक्षा ९ गणित अध्याय 1 प्रश्नावली 1.1 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
यदि D₁R₁ रियान के कमरे के द्वार को प्रदर्शित करता है तो यह द्वार कमरे की बाईं दीवार (y-अक्ष) से कितनी दूरी पर स्थित है? द्वार x-अक्ष से कितनी दूरी पर स्थित है?
उत्तर

चित्र 1.3 के अनुसार द्वार नीचे की दीवार पर D₁ (8, 0) से R₁ (11.5, 0) तक फैला है।

बाईं दीवार (y-अक्ष) से द्वार की दूरी = इसके निकटतम सिरे D₁ पर 8 फुट
(दूसरा सिरा R₁ बाईं दीवार से 11.5 फुट पर है)
x-अक्ष से द्वार की दूरी = 0

अत: द्वार बाईं दीवार से 8 फुट की दूरी पर आरंभ होता है और x-अक्ष से इसकी दूरी 0 है।

ऐसा क्यों होता है: इस चित्र में कमरे की नीचे वाली दीवार ही x-अक्ष है। इसलिए द्वार के प्रत्येक बिंदु का y-निर्देशांक 0 है और बिंदु (x, 0) की x-अक्ष से लंबवत दूरी 0 होती है। y-अक्ष से दूरी x-निर्देशांक से पढ़ी जाती है और द्वार पर यह 8 से 11.5 तक जाती है, अत: ‘बाईं दीवार से कितनी दूर’ का उत्तर उसका निकटतम सिरा 8 फुट देता है।
संकेत: जब किसी दीवार को ही अक्ष चुन लिया जाए तो उस दीवार से सटी वस्तुओं के निर्देशांकों में शून्य आ जाता है। निर्देशांक की समस्या में अक्षों का उपयुक्त चयन आधा कार्य कर देता है।
प्र2.
D₁ के निर्देशांक क्या हैं?
उत्तर

D₁, x-अक्ष पर +8 के चिह्न पर स्थित पिन है।

D₁ = (8, 0)
ऐसा क्यों होता है: D₁ नीचे की दीवार पर स्थित है और वही x-अक्ष है, अत: इसका y-निर्देशांक 0 ही होगा। O से x-अक्ष के अनुदिश इकाई चिह्न गिनने पर 8 प्राप्त होता है और पैमाना 1 से.मी. : 1 फुट है, अत: D₁ बाईं दीवार से 8 फुट दाईं ओर है।
प्र3.
यदि R₁ बिंदु (11.5, 0) है तो द्वार की चौड़ाई क्या है? क्या आपको लगता है कि कमरे के द्वार के लिए यह चौड़ाई उपयुक्त है? यदि कोई व्यक्ति पहिएदार कुर्सी (व्हीलचेयर) पर बैठकर कमरे में प्रवेश करना चाहता है तो क्या वह सरलतापूर्वक ऐसा कर पाएगा?
उत्तर

D₁ और R₁ दोनों x-अक्ष पर हैं, अत: चौड़ाई केवल x-निर्देशांकों का अंतर है।

द्वार की चौड़ाई = |11.5 − 8| = 3.5 फुट
3.5 फुट = 3.5 × 12 इंच = 42 इंच ≈ 1.07 मी.

हाँ, यह चौड़ाई उपयुक्त है। भारत में शयनकक्ष के साधारण द्वार लगभग 2.5 से 3 फुट (750–900 मि.मी.) चौड़े होते हैं, अत: 3.5 फुट पर्याप्त रूप से चौड़ा है।

हाँ, व्हीलचेयर पर बैठा व्यक्ति सरलता से प्रवेश कर सकेगा। सामान्य व्हीलचेयर लगभग 24–26 इंच चौड़ी होती है और बाधामुक्त अभिकल्प के दिशा-निर्देश कम-से-कम 32 इंच (उपयुक्त रूप से 36 इंच) का खुला अंतराल माँगते हैं। 42 इंच का द्वार इससे कहीं अधिक है और सहायक के हाथों के लिए भी स्थान बचता है।

ऐसा क्यों होता है: दोनों बिंदुओं में केवल x-निर्देशांक भिन्न हैं, अत: रेखाखंड D₁R₁, x-अक्ष के समानांतर है और उसकी लंबाई सीधा अंतर |x₂ − x₁| है। किसी वर्गमूल की आवश्यकता नहीं पड़ी — दीवार को अक्ष चुनने का यही लाभ है।
स्वयं जाँचिए: अपने घर के किसी द्वार का खुला अंतराल मापिए, चौखट की बाहरी चौड़ाई नहीं। द्वार का पल्ला और कब्जे एक-दो इंच स्थान घेर लेते हैं।
प्र4.
यदि B₁ (0, 1.5) और B₂ (0, 4) स्नानगृह के द्वार की सीमा के अंतिम बिंदुओं को प्रदर्शित करते हैं तो क्या स्नानगृह का द्वार कमरे के द्वार की तुलना में संकीर्ण है या अधिक चौड़ा है?
उत्तर

B₁ और B₂ दोनों y-अक्ष पर हैं, अत: उनके बीच की दूरी y-निर्देशांकों का अंतर है।

स्नानगृह के द्वार की चौड़ाई = |4 − 1.5| = 2.5 फुट
कमरे के द्वार की चौड़ाई = 3.5 फुट
3.5 − 2.5 = 1

स्नानगृह का द्वार संकीर्ण है — 1 फुट कम चौड़ा।

ऐसा क्यों होता है: स्नानगृह का द्वार बाईं दीवार में है और बाईं दीवार ही y-अक्ष है। अत: दोनों सिरों का x-निर्देशांक 0 है, रेखाखंड ऊर्ध्व है और उसकी लंबाई |y₂ − y₁| है। ध्यान दीजिए कि घटाने का वही विचार दोनों द्वारों पर लागू हुआ — केवल अक्ष बदला।
क्या आप जानते हैं? 2.5 फुट अर्थात 30 इंच, बाधामुक्त दिशा-निर्देशों द्वारा माँगी गई 32 इंच की न्यूनतम चौड़ाई से कम है। अर्थात रियान के कमरे का द्वार व्हीलचेयर के अनुकूल है किंतु स्नानगृह का नहीं — भारतीय घरों में यह एक बहुत सामान्य कमी है।
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