कक्षा ९ गणित अध्याय 1 स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-08
इस अध्याय के बारे में
दो परस्पर लंबवत संख्या रेखाएँ — क्षैतिज x-अक्ष और ऊर्ध्व y-अक्ष — मूलबिंदु O (0, 0) पर मिलती हैं। ये दोनों निर्देशांक अक्ष कहलाती हैं और जिस तल में ये स्थित हैं उसे कार्तीय तल (निर्देशांक तल अथवा xy-तल) कहते हैं। किसी बिंदु P ( x , y ) के लिए x , y-अक्ष से P की लंबवत दूरी है जिसे x-अक्ष के अनुदिश मापा जाता है, और y , x-अक्ष से P की लंबवत दूरी है जिसे y-अक्ष के अनुदिश मापा जाता है। दाईं ओर और ऊपर की ओर दूरियाँ धनात्मक तथा बाईं ओर और नीचे की ओर दूरियाँ ऋणात्मक होती हैं। दोनों विस्थापनों में से प्रत्येक का अपना चिह्न होता है, अत: 2 × 2 = 4 चिह्न-युग्म संभव हैं और इसीलिए ठीक चार चतुर्थांश बनते हैं — I (+, +), II (−, +), III (−, −), IV (+, −)। जिस बिंदु का कोई एक विस्थापन शून्य हो, वह अक्ष पर स्थित होता है और किसी चतुर्थांश में नहीं होता — x-अक्ष पर ( x , 0) तथा y-अक्ष पर (0, y )। निर्देशांक एक
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- प्रश्नावली 1.1
- सोचिए और विचार कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- प्रश्नावली 1.2
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- अंतिम प्रश्नावली