कक्षा ९ गणित अध्याय 2 सोचिए और विचार कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-08
प्र1.
क्या चित्र 2.13 में दिए गए आलेख में आपको रैखिक समीकरण y = ax + b के विषय में कोई निष्कर्ष निकालने में सहायता मिलती है, जब a का मान निश्चित है और b का मान परिवर्तित होता रहता है? (संकेत — उदाहरण 16 में दिए गए समीकरणों में a = 2 है और b का मान क्रमश: –1, 1 और 5 हैं।)
उत्तर
हाँ। a = 2 नियत और b = −1, 1, 5 होने पर तीनों रेखाएँ समानांतर हैं — झुकाव समान, ऊँचाई भिन्न।
रेखा
ढलान a
y-अंतःखंड b
y-अक्ष को काटती है
y = 2x − 1
2
−1
(0, −1)
y = 2x + 1
2
1
(0, 1)
y = 2x + 5
2
5
(0, 5)
b बदलने पर रेखा सीधी ऊपर या नीचे खिसकती है; झुकाव कभी नहीं बदलता, अत: तीनों कभी नहीं मिलतीं।
वे कभी मिल क्यों नहीं सकतीं: मान लीजिए किसी x पर 2x + b₁ = 2x + b₂ हो। 2x कट जाता है और शेष बचता है b₁ = b₂। अत: समान ढलान और भिन्न अंतःखंड वाली दो रेखाओं का कोई उभयनिष्ठ बिंदु होता ही नहीं — वे समानांतर हैं। इससे भी अच्छा: किसी भी x पर y = 2x + 5 और y = 2x + 1 के बीच ऊर्ध्व अंतर (2x + 5) − (2x + 1) = 4 है, हर जगह वही। अचर अंतर का ही दूसरा नाम “समानांतर” है।
संकेत: रैखिक व्यंजक में b जोड़ने से उसका आलेख b इकाई ऊर्ध्व दिशा में खिसक जाता है — b धनात्मक हो तो ऊपर, ऋणात्मक हो तो नीचे। ढलान परिवर्तन की दर है, अत: अचर जोड़ने से वह अछूती रहती है।
क्या यह उपयोगी रहा?प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद!त्रुटि बताएँ