कक्षा ९ गणित अध्याय 3 प्रश्नावली 3.5 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
दीर्घ विभाजन किए बिना निम्नलिखित परिमेय संख्याओं में से यह निर्धारित कीजिए कि कौन-सी सांत दशमलव है और कौन-सी आवर्ती दशमलव है — 7/20, 4/15 और 13/250, तत्पश्चात स्पष्ट रूप से दीर्घ विभाजन करते हुए अपने उत्तरों की जाँच कीजिए और इन परिमेय संख्याओं को दशमलव में भी व्यक्त कीजिए।
उत्तर

हर से अनुमान। तीनों भिन्न पहले से सरलतम रूप में हैं, अत: हर का गुणनखंडन कीजिए और 2, 5 के अतिरिक्त कोई अभाज्य ढूँढ़िए।

संख्याहरअन्य अभाज्य?अनुमान
7/2020 = 2² × 5कोई नहींसांत
4/1515 = 3 × 53आवर्ती
13/250250 = 2 × 5³कोई नहींसांत

अब दीर्घ विभाजन।

7/20 — 70 ÷ 20 = 3, शेषफल 10
100 ÷ 20 = 5, शेषफल 0 — विभाजन समाप्त
7/20 = 0.35 (2 स्थान, जैसा 2² × 5 से max(2, 1) = 2 अपेक्षित था)
4/15 — 40 ÷ 15 = 2, शेषफल 10
100 ÷ 15 = 6, शेषफल 10
100 ÷ 15 = 6, शेषफल 10 — शेषफल 10 लौट आया
4/15 = 0.2666… = 0.26
13/250 — 130 ÷ 250 = 0, शेषफल 130
1300 ÷ 250 = 5, शेषफल 50
500 ÷ 250 = 2, शेषफल 0 — विभाजन समाप्त
13/250 = 0.052 (3 स्थान, जैसा 2 × 5³ से max(1, 3) = 3 अपेक्षित था)

तीनों अनुमान सत्य निकले।

ऐसा क्यों होता है: दोनों सांत स्थितियों में विभाजन की आवश्यकता ही नहीं। 7/20 = 35/100 (5 से गुणा) और 13/250 = 52/1000 (4 से गुणा)। 4/15 में गुणनखंड 3 को 10 की किसी घात में नहीं बदला जा सकता, अत: कोई शेषफल दोहराना ही है — और वह पहले ही चरण में दोहरा जाता है।
प्र2.
1/13 के लिए दीर्घ विभाजन कीजिए। अंकों के आवर्ती खंड को पहचानिए। यदि आप 2/13 की गणना करते हैं तो क्या यह चक्रीय गुण को प्रदर्शित करता है? अब आप 3/13, 4/13 इत्यादि की गणना कीजिए। आपने क्या ध्यान किया?
उत्तर
1/13 का दीर्घ विभाजन
10 ÷ 13 = 0, शे. 10 → 100 ÷ 13 = 7, शे. 9
90 ÷ 13 = 6, शे. 12 → 120 ÷ 13 = 9, शे. 3
30 ÷ 13 = 2, शे. 4 → 40 ÷ 13 = 3, शे. 1
शेषफल 1 लौट आया → अब अंक दोहराएँगे
1/13 = 0.076923

आवर्ती खंड 076923 है, जिसकी लंबाई 6 है। अब शेष तेरहवें भाग —

भिन्नआवर्ती खंडभिन्नआवर्ती खंड
1/130769232/13153846
3/132307694/13307692
5/133846156/13461538
7/135384618/13615384
9/1369230710/13769230
11/1384615312/13923076

अवलोकन। बारह खंड बारह भिन्न-भिन्न अंक-समुच्चय नहीं हैं — वे दो परिवारों में बँट जाते हैं, और प्रत्येक परिवार एक ही खंड का चक्रीय घुमाव है —

  • परिवार क (076923 के घुमाव) — 1/13, 3/13, 4/13, 9/13, 10/13, 12/13
  • परिवार ख (153846 के घुमाव) — 2/13, 5/13, 6/13, 7/13, 8/13, 11/13

अत: 2/13, 1/13 के खंड का घुमाव नहीं देता — वह एक दूसरा चक्र आरंभ करता है। 1/7 से यही अंतर है।

ऐसा क्यों होता है: 1/n के आवर्ती खंड की लंबाई उतनी ही होती है जितने शेषफल दीर्घ विभाजन में प्रकट होते हैं। 1/7 में सभी छह संभव शून्येतर शेषफल 1…6 आते हैं, अत: 1 से 6 तक से गुणा करने पर वही चक्र किसी दूसरे स्थान से आरंभ हो जाता है — 142857 सच्ची चक्रीय संख्या है। 1/13 में बारह में से केवल छह शेषफल {1, 3, 4, 9, 10, 12} आते हैं, अत: बारह भिन्नें छह-छह के दो चक्रों में बँट जाती हैं। 1/n का खंड पूर्णत: चक्रीय ठीक तब होता है जब उसकी लंबाई n − 1 हो।
स्वयं जाँचिए: 076923 × 3 = 230769 और 076923 × 9 = 692307 — दोनों घुमाव हैं। परंतु 076923 × 2 = 153846, जो घुमाव नहीं है।
प्र3.
निम्नलिखित संख्याओं को परिमेय या अपरिमेय के रूप में वर्गीकृत कीजिए — (i) √81 (ii) √12 (iii) 0.33333 … (iv) 0.123451234512345 … (v) 1.01001000100001… (इस प्रतिरूप पर ध्यान दीजिए — क्या इसमें एकल खंड की पुनरावृत्ति हो रही है?) (vi) 23.560185612239874790120 । परिमेय संख्याओं की स्थिति में उनके स्पष्ट भिन्न रूप को ज्ञात कीजिए।
उत्तर
संख्याकारणप्रकारभिन्न रूप
(i) √8181 = 9² पूर्ण वर्ग हैपरिमेय9 = 9/1
(ii) √1212 = 2² × 3 पूर्ण वर्ग नहींअपरिमेय
(iii) 0.33333…शुद्ध आवर्ती, खंड 3परिमेय1/3
(iv) 0.123451234512345…शुद्ध आवर्ती, खंड 12345परिमेय4115/33333
(v) 1.01001000100001…कोई निश्चित खंड नहीं दोहराताअपरिमेय
(vi) 23.560185612239874790120सांत दशमलवपरिमेयनीचे देखिए

परिमेय संख्याओं का हल।

(i) √81 = 9, क्योंकि 9 × 9 = 81 → 9/1
(iii) x = 0.3; 10x = 3.3
9x = 3 → x = 3/9 = 1/3
(iv) x = 0.12345; 5 अंक दोहराते हैं, अत: 10⁵ से गुणा
100000x = 12345.12345
99999x = 12345 → x = 12345/99999
99999 = 3² × 41 × 271 और 12345 = 3 × 5 × 823, सार्व गुणनखंड 3
x = 4115/33333
(vi) दशमलव बिंदु के बाद 21 अंक हैं, अत:
= 23560185612239874790120/10²¹
अंश और हर को 40 से विभाजित कीजिए
= 589004640305996869753/25000000000000000000
ऐसा क्यों होता है: (ii) खंड 3.5.1 के सम-विषम तर्क से अपरिमेय है — √12 = 2√3 और √3 अपरिमेय है, अत: √12 पूर्णांकों का अनुपात नहीं हो सकता। (v) सबसे रोचक है — अंकों में प्रतिरूप तो है, परंतु शून्यों के अंतराल 1, 2, 3, 4, … बढ़ते जाते हैं और कभी किसी निश्चित लंबाई के खंड में स्थिर नहीं होते। परिमेय संख्या में स्थिर लंबाई का खंड दोहराना अनिवार्य है, अत: (v) अपरिमेय है। दिखाई देने वाला प्रतिरूप और आवर्ती खंड एक ही बात नहीं हैं।
सुझाव: (vi) बस समाप्त हो जाती है — इसमें 21 दशमलव स्थान हैं और आगे '…' नहीं है। जो भी दशमलव समाप्त होता है वह 10 की घात पर एक भिन्न है, अत: परिमेय है, चाहे उसके अंक कितने ही जटिल दिखें।
प्र4.
संख्या 0.9 (अर्थात 0.99999) एक परिमेय संख्या है। बीजगणित (मान लीजिए x = 0.9 है, 10 से गुणा कीजिए और घटाइए) का उपयोग करते हुए व्याख्या कीजिए कि 0.9 ठीक 1 के समान क्यों है?
उत्तर
मान लीजिए x = 0.9 = 0.9999…
एक अंक की पुनरावृत्ति है, अत: 10¹ = 10 से गुणा कीजिए
10x = 9.9999… = 9.9
घटाइए — 10x − x = 9.9999… − 0.9999…
9x = 9
x = 1

अत: 0.9 और 1 एक ही संख्या के दो दशमलव नाम हैं।

ऐसा क्यों होता है: यह घटाव ठीक-ठीक इसीलिए संभव है क्योंकि 9 की पुच्छ अनंत है; 10x के दशमलव बिंदु के बाद का प्रत्येक 9, x के 9 से कट जाता है और ठीक 9 शेष रहता है। यदि 9 कहीं भी रुक जाते — मान लीजिए 0.9999 पर — तो घटाव में पुच्छ बच जाती और x, 1 से कुछ कम रह जाता। यह समता किसी परिमित सन्निकटन का नहीं, अपितु पूर्ण अनंत प्रसार का कथन है।
स्वयं जाँचिए: यही तथ्य पहले से ज्ञात अंकगणित से भी निकलता है — 1/3 = 0.3, अत: 3 × 1/3 = 3 × 0.3, अर्थात 1 = 0.9। अथवा यह देखिए कि 1 − 0.9 को ऐसी धनात्मक संख्या होना पड़ेगा जो प्रत्येक 1/10^k से छोटी हो, और ऐसी कोई परिमेय संख्या नहीं है। अध्याय इसी को 'दशमलव निरूपण की अद्वितीयता का अभाव' कहता है — 2.47000… = 2.46999… भी।
प्र5.
हम देख चुके हैं कि 1/7 का आवर्ती खंड एक चक्रीय संख्या है। कुछ और संख्याओं (n) को ज्ञात करने का प्रयास कीजिए, जिनके प्रतिलोम (1/n) आवर्ती खंड के ऐसे दशमलव उत्पन्न करते हों, जो चक्रीय हैं।
उत्तर

1/n पूर्णत: चक्रीय खंड तभी देता है जब आवर्ती खंड की लंबाई अधिकतम संभव, अर्थात n − 1, हो। इसके लिए n का अभाज्य होना आवश्यक है।

nखंड की लंबाईआवर्ती खंडचक्रीय?
76 = 7 − 1142857हाँ
11209नहीं
136, 12 नहीं076923नहीं
1716 = 17 − 10588235294117647हाँ
1918 = 19 − 1052631578947368421हाँ
2322 = 23 − 10434782608695652173913हाँ
2928 = 29 − 10344827586206896551724137931हाँ

अत: n = 7, 17, 19, 23, 29 सभी काम करते हैं, और यह सूची 47, 59, 61, 97, … के साथ आगे बढ़ती है।

17 के लिए जाँच — 0588235294117647 × 2 = 1176470588235294
जो वही अंक घुमे हुए हैं — एक चक्र ✓
ऐसा क्यों होता है: 1/n के दीर्घ विभाजन में शेषफल केवल 1, 2, …, n − 1 ही हो सकते हैं, अत: खंड कभी n − 1 अंकों से लंबा नहीं हो सकता। जब विभाजन 1 पर लौटने से पहले सभी n − 1 शेषफलों से होकर गुजरता है, तब प्रत्येक भिन्न k/n वही चक्र किसी अन्य शेषफल से आरंभ करती है — जो कागज पर वही अंक घुमे हुए दिखते हैं। जब केवल कुछ शेषफल आते हैं, जैसे 13 में, तो भिन्नें कई अलग चक्रों में बँट जाती हैं और खंड चक्रीय नहीं रहता। इस गुण वाली अभाज्य संख्याओं को पूर्ण आवर्त अभाज्य कहते हैं।
सुझाव: n का 10 के साथ सह-अभाज्य होना आवश्यक है। 2 या 5 से विभाज्य n के दशमलव में कुछ सांत भाग रहेगा, अत: वह पूरी लंबाई का शुद्ध आवर्ती खंड नहीं दे सकता।
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