प्र1.
p/q का दशमलव प्रसार निश्चित रूप से सांत होगा, जब q का अभाज्य गुणनखंड केवल 2, केवल 5 अथवा 2 और 5 दोनों हो। क्या आप व्याख्या कर सकते हैं कि ऐसा क्यों है?
उत्तर
'निश्चित रूप से' का अर्थ है कि दोनों दिशाओं में सिद्ध करना होगा। यहाँ p/q सरलतम रूप में है।
यदि q = 2^m × 5^n हो तो दशमलव सांत होगा। मान लीजिए k, m और n में से बड़ा है। जो घात छूट रही है उससे अंश और हर को गुणा कीजिए —
2^m 5^n × 2^(k−m) 5^(k−n) = 2^k 5^k = 10^k
अत: p/q = (p × 2^(k−m) 5^(k−n))/10^k
अत: p/q = (p × 2^(k−m) 5^(k−n))/10^k
10^k से विभाजित पूर्ण संख्या ठीक k स्थानों पर समाप्त हो जाती है। अध्याय का अपना उदाहरण 3/20 है, जहाँ 20 = 2² × 5 और k = 2 —
3/20 = (3 × 5)/(2² × 5 × 5) = 15/100 = 0.15
यदि दशमलव सांत हो तो q में केवल 2 और 5 ही होंगे। k स्थानों पर समाप्त होने वाला दशमलव —
p/q = N/10^k किसी पूर्णांक N के लिए
अत: p × 10^k = N × q
अर्थात q, p × 10^k को विभाजित करता है
परंतु p और q सह-अभाज्य हैं, अत: q, 10^k = 2^k 5^k को विभाजित करेगा
अत: p × 10^k = N × q
अर्थात q, p × 10^k को विभाजित करता है
परंतु p और q सह-अभाज्य हैं, अत: q, 10^k = 2^k 5^k को विभाजित करेगा
2^k 5^k का कोई भी भाजक 2 और 5 के अतिरिक्त कोई अभाज्य नहीं रख सकता। अत: q का रूप वही है जो कहा गया है।
ऐसा क्यों होता है: हमारे अंक आधार 10 में लिखे जाते हैं और 10 = 2 × 5 है। कोई हर 10 की घात में तभी समा सकता है जब वह दस की अपनी ही अभाज्य ईंटों से बना हो। कोई अन्य अभाज्य — 3, 7, 11, 13 — प्रत्येक गुणन को झेल जाता है, विभाजन में शेषफल कभी 0 नहीं होता, और चूँकि संभावित शेषफल सीमित हैं, कोई एक शेषफल अवश्य लौटता है और अंक चक्र में बँध जाते हैं।
क्या आप जानते हैं? आधार 3 में 1/3 सांत होता (वहाँ वह 0.1 है) जबकि 1/2 आवर्ती होता। सांत होना संख्या का अकेला गुण नहीं, अपितु संख्या और आधार का साझा गुण है।