प्र1.
भिन्न-भिन्न हर वाली दो परिमेय संख्याओं का योग अथवा घटाव करते समय आप उनके हर को समान कैसे बनाएँगे?
उत्तर
प्रत्येक परिमेय संख्या को उसकी समतुल्य संख्या से बदल दीजिए जिसका हर दोनों हरों का सार्व गुणज हो — सबसे सुविधाजनक रूप से उनका लघुत्तम समापवर्त्य।
a/b और c/d, जहाँ m = ल.स. (b, d)
a/b = (a × m/b)/m और c/d = (c × m/d)/m
तब a/b + c/d = (a·m/b + c·m/d)/m
a/b = (a × m/b)/m और c/d = (c × m/d)/m
तब a/b + c/d = (a·m/b + c·m/d)/m
उदाहरण के लिए 7/12 और 5/8 का योग —
12 = 2² × 3, 8 = 2³ → ल.स. = 2³ × 3 = 24
7/12 = 14/24 और 5/8 = 15/24
योग = (14 + 15)/24 = 29/24
7/12 = 14/24 और 5/8 = 15/24
योग = (14 + 15)/24 = 29/24
ऐसा क्यों होता है: अंश और हर दोनों को एक ही शून्येतर संख्या से गुणा करने पर मान नहीं बदलता, क्योंकि k ≠ 0 के लिए (ka)/(kb) = a/b होता है। एक बार दोनों भिन्न समान आकार के भागों को गिनने लगें, तो केवल गिनतियाँ जोड़ी जा सकती हैं — यही अध्याय का नियम a/b + c/b = (a + c)/b है।
सुझाव: गुणनफल b × d भी सार्व हर के रूप में सदैव काम करता है, परंतु ल.स. संख्याओं को छोटा रखता है और प्राय: अंतिम सरलीकरण का श्रम बचा देता है।